भोपाल के हाई-प्रोफाइल त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार उसकी सास व सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह तथा पति अधिवक्ता समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल रिमांड) आज 16 जून को समाप्त हो रही है। आज सीबीआई दोनों को भोपाल की विशेष अदालत में पेश करने वाली है। सुरक्षा कारणों से दोनों को कोर्ट में वर्चुअली भी पेश किया जा सकता है। इधर, त्विषा शर्मा के परिजनों की याचिका पर जबलपुर उच्च न्यायालय के आदेश पर दिल्ली एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से कराई गई त्विषा शर्मा की दूसरी पीएम रिपोर्ट भी सीबीआई को करीब एक सप्ताह पहले मिल चुकी है।
सीबीआई आज उस पीएम रिपोर्ट को अपनी स्टेटस रिपोर्ट के साथ भोपाल की विशेष अदालत में प्रस्तुत करने जा रही है। सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, त्विषा का भोपाल एम्स में किए गए पीएम में सिर पर क्लॉटिंग, हाथों में चोट और शरीर पर खरोंच व संघर्ष के निशान मिले थे। ऐसी ही रिपोर्ट दिल्ली एम्स के विशेषज्ञों की भी है।
दिल्ली एम्स की रिपोर्ट में भी त्विषा शर्मा के शरीर पर कई चोटों, खरोंचों और संघर्ष के निशान मिले हैं, लेकिन रिपोर्ट में लिखा है कि ये चोटें ऐसी नहीं हैं कि त्विषा की मौत हो जाए। सीबीआई सूत्रों की मानें तो दिल्ली एम्स की पीएम रिपोर्ट में भी त्विषा की हत्या किए जाने की पुष्टि नहीं हो रही है। हालांकि, दिल्ली एम्स की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में पेश की जाएगी। अभी उस रिपोर्ट को कहीं भी सार्वजनिक नहीं किया गया है, क्योंकि दूसरी पीएम जबलपुर उच्च न्यायालय के आदेश पर की गई थी।
परिजनों के अधिवक्ता का पुलिस पर गंभीर आरोप
त्विषा शर्मा के परिजनों के भोपाल जिला न्यायालय में अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय ने भोपाल के कटारा हिल्स पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 12 मई की रात त्विषा शर्मा की मौत के बाद मर्ग कटारा हिल्स थाने में दर्ज किया गया था। अधिवक्ता पाण्डेय का आरोप है कि 13 मई को थाना पुलिस ने त्विषा का मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए थे। संपत्ति जब्ती पत्रक में इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जब्ती का समय सुबह 9:42 बजे दर्ज है, लेकिन दस्तावेजों में नमूना सील का कॉलम खाली है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सील कर सुरक्षित किया गया था या नहीं।
अधिवक्ता का आरोप है कि मौके से जब्त फोन और लैपटॉप में अहम जानकारियां हैं, जिनसे छेड़छाड़ की मंशा के चलते इन्हें सील नहीं किया गया। इससे केस प्रभावित हो सकता है। पाण्डेय का तर्क है कि मोबाइल और लैपटॉप जब्त करते समय उन्हें एयरप्लेन मोड में बंद किया जाता है, मोबाइल से सिम निकालकर डिवाइस को नेटवर्क से पूरी तरह अलग किया जाता है, ताकि डेटा को रिमोट से डिलीट या बदला न जा सके। यह भी स्पष्ट नहीं होता कि साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और छेड़छाड़ रोकने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं।
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क्या है पूरा मामला?
नोएडा निवासी मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की 12 मई को रात 10 बजे भोपाल के बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित ससुराल में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। सास सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह तथा पति अधिवक्ता समर्थ सिंह रिश्तेदारों के साथ उसका शव लेकर एम्स पहुंचे थे और बताया था कि त्विषा ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। साथ ही 20 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड को समर्थ के नाम ट्रांसफर कराने, गर्भ को लेकर चरित्र पर आरोप लगाने, मारपीट और प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप मायके पक्ष ने लगाए थे। मामला तूल पकड़ने लगा तो मध्य प्रदेश सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी। अब सीबीआई के दिल्ली मुख्यालय की विशेष टीम मामले की जांच कर रही है।

