अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के तहत डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज के ‘टोल फ्री’ होने का ऐलान किया है. अब ईरान की ओर से इसको लेकर जवाब आया है. तेहरान का कहना है कि होर्मुज पर टोल नहीं लगेगा, लेकिन शुल्क जरूर लिया जाएगा. इंटरनेशनल कानून के मुताबिक टोल की वसूली अवैध है, लेकिन कुछ सेवाओं के लिए फीस ली जा सकती है. अभी यह साफ नहीं है कि ईरान कौन सी सेवाएं देगा. यूएस-ईरान के बीच जंग शुरू से पहले होर्मुज में कोई फीस नहीं ली जाती थी.
टोल को दिया ‘फीस’ का नाम
ईरान की ओर से टोल वसूली का नाम बदलकर सुविधा शुल्क (फीस) किया गया है. NYT की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों से टोल वसूली गैरकानूनी है, लेकिन वह ‘टोल’ नहीं बल्कि ‘सेवाओं’ के लिए फीस वसूलेगा.
ट्रंप ने किया था होर्मुज के टोल फ्री होने का दावा
रविवार (14 जून) को अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खुल चुका है और यह टोल फ्री रहेगा. उन्होंने आगे कहा, यह समझौता दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक को सुरक्षित करेगा. द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि यह समझौता इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को खुला रखने में मदद करेगा. साथ ही क्षेत्र में बड़े युद्ध के खतरे को भी कम करेगा. अखबार के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि इस समझौते से होर्मुज ‘हमेशा के लिए टोल-फ्री’ रहेगा.
ट्रंप के दावे के बीच ईरान के सामने आए नए बयान से होर्मुज स्ट्रेट के टोल फ्री होने पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है. अगर ईरान यहां फीस वसूलता है तो वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर इसका असर पड़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नया खतरनाक उदाहरण बन सकता है.
ट्रंप ने ऐलान किया था कि यूएस और ईरान ने एक डील पूरी कर ली है. इस डील के तहत होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाएगा और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म हो जाएगी. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे महीनों की लड़ाई के बाद एक बड़ी कामयाबी बताया. इसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर काफी बुरा असर पड़ा और एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का डर पैदा कर दिया था.
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