ओडिशा में एक महिला सरपंच की गिरफ्तारी और उसके बाद सामने आए कथित प्रताड़ना के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

भक्त चरण दास ने दावा किया कि संबंधित महिला एक निर्वाचित सरपंच है, जो अपनी शिकायत लेकर ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) के पास पहुंची थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत सुनने के बजाय महिला के साथ दुर्व्यवहार किया गया और बाद में उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के बाद जेल भेजी गई महिला
कांग्रेस नेता के अनुसार, पुलिस ने महिला सरपंच को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन बाद में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि जेल में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद डॉक्टर और जेल अधीक्षक ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अस्पताल भेजने का फैसला किया। दास ने आरोप लगाया कि महिला को पूरी रात सोने नहीं दिया गया और उसे मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि महिला ने कई गंभीर शिकायतें उठाई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
#WATCH | Bhubaneswar: Odisha Congress President Bhakta Charan Das says, “The victim is a woman who is a Sarpanch. She had gone to the BDO with her grievance. Regarding the assault and mistreatment she faced—and the way the situation was handled—the police arrested her after… https://t.co/keTxgBEVsn pic.twitter.com/blFi9FYHvj
— ANI (@ANI) June 13, 2026
लोकतांत्रिक अधिकारों पर उठे सवाल
ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि क्या कोई निर्वाचित सरपंच अपनी समस्या या शिकायत लेकर किसी सरकारी अधिकारी के पास नहीं जा सकता? उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार होगा, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

