अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कल भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल की घटनाओं पर चर्चा की।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
पिगोट ने बताया कि मार्को रुबियो ने इस दौरान वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी बलों के आदेशों का तुरंत पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है। रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ईरानी तेल के अवैध परिवहन को भी अस्वीकार्य बताया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इन मुद्दों पर अपनी कड़ी स्थिति दोहराई।
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एस जयशंकर ने क्या कहा था?
इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था, आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई पर भारत का कड़ा विरोध दोहराया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। वाणिज्यिक शिपिंग पर इस तरह की घातक कार्रवाई को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत
ओमान की खाड़ी में बुधवार को अमेरिका ने एमटी सेटेबेल्लो नाम के जहाज पर हमला किया था। अमेरिकी सेना ने हमले के बाद आरोप लगाया था कि यह जहाज ईरानी बंदरगाहों पर जारी नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। जहाज पर मौजूद 24 भारतीय नाविकों में से 21 को बचा लिया गया था। लेकिन बाद में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई।
Spoke to US Secretary of State Marco Rubio this evening. I reiterated India’s strong protest at the attacks by the US Navy in the Gulf that killed three Indian mariners. Such lethal actions against commercial shipping are not justified.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 12, 2026


