पति वीर साहू के साथ सपना
क्यों कोर्ट सपना के पति को उनसे दूर रहने को कहा?
सबसे पहले वर्तमान केस को समझते हैं… तो हुआ यूं है कि दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट में सपना चौधरी ने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि वैवाहिक जीवन के दौरान उनके साथ कई बार मारपीट और दुर्व्यवहार हुआ।
अदालत को सपना ने क्या क्या बताया?
- हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें अपना ससुराल छोड़ना पड़ा और अब वे दिल्ली के नजफगढ़ स्थित अपने मायके में रह रही हैं।
- सपना की ओर से अदालत में वीडियो, ऑडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी पेश किए गए।
- कथित चोटों की तस्वीरें भी अदालत के सामने रखी गईं।
- सपना के वकील ने कहा कि उनकी फिल्म ‘मोमाकू’ रिलीज होने वाली है और उन्हें आशंका है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में कोई व्यवधान या उत्पीड़न हो सकता है, इसलिए तत्काल सुरक्षा जरूरी है।

प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि सिंह ने अंतरिम राहत देते हुए आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक वीर साहू सपना चौधरी से किसी भी माध्यम से संपर्क नहीं करेंगे, उनके घर या कार्यस्थल पर नहीं जाएंगे। केस की अगली सुनवाई 25 जुलाई को तय की गई है।

करियर के शुरुआती दिनों में सपना
क्या था सपना का पहला सपना?
ये तो थी वर्तमान कहानी जिसकी वजह से सपना सुर्खियों में हैं….
अब चलते हैं फ्लैशबैक में और आपको सुनाते हैं सपना चौधरी की कहानी, उनके सपनों की कहानी… आज लोग सपना चौधरी को डांसर, सिंगर और अभिनेत्री के रूप में जानते हैं, लेकिन कभी उनका सपना पुलिस अधिकारी बनने का था। मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी सपना की जिंदगी तब बदल गई जब कम उम्र में उनके पिता का निधन हो गया।
पहले कार्यक्रम में मिला कितना मेहनताना?
अचानक पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। मां, भाई, बहन और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। आर्थिक तंगी ऐसी थी कि स्टेज पर गाना और नाचना ही उनके लिए रोजी-रोटी का जरिया बन गया। कहते हैं कि पहला कार्यक्रम करने के बाद उन्हें कोई मेहनताना नहीं मिला। अगले कार्यक्रम में सिर्फ 3100 रुपये मिले। उस वक्त किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि 3100 रुपए मेहनताना पाने वाली ये लड़की आगे चलकर करोड़ों दिलों पर राज करेगी।
मां के साथ सपना चौधरी
कैसे सपना बन गईं ब्रांड?
सपना लगातार मेहनत कर रही थीं। फिर एक गाना रिलीज हुआ- ‘सॉलिड बॉडी’ और सपना चौधरी की जिंदगी बदल गई। हरियाणा से निकलकर उनका नाम दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब तक पहुंच गया। स्टेज शो में हजारों लोगों की भीड़ जुटने लगी। लोग घंटों इंतजार करते… कई जगह भीड़ इतनी बढ़ जाती कि पुलिस को व्यवस्था संभालनी पड़ती। धीरे-धीरे सपना चौधरी सिर्फ एक कलाकार नहीं रहीं, वो एक ब्रांड बन गईं।
क्या था सपना पर लगा पहला आरोप?
एक समय ऐसा भी आया जब उनके कार्यक्रमों के पोस्टर लगते ही आयोजकों को अतिरिक्त सुरक्षा की व्यवस्था करनी पड़ती थी। गांव के छोटे मंचों से शुरू हुआ सफर बड़े मैदानों तक पहुंच चुका था। लोग सिर्फ गाने सुनने नहीं, बल्कि सपना चौधरी को देखने आते थे। हरियाणवी रागनी और स्टेज शो की दुनिया में सपना एक ऐसा नाम बन चुकी थीं, जिसके बिना कोई बड़ा आयोजन अधूरा माना जाने लगा था। लेकिन जितनी तेजी से शोहरत मिली… उतनी ही तेजी से विवाद भी आए। और फिर एक दिन वो आया जब उनकी जिंदगी बदल गई। एक रागनी कार्यक्रम में गाए गए गीत पर विवाद खड़ा हो गया। आरोप लगा कि गीत के बोल दलित समाज का अपमान करते हैं।
कैसे मिली देशभर में पहचान?
एफआईआर दर्ज हुई। सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट चलने लगीं। निजी जिंदगी पर टिप्पणियां होने लगीं और धीरे-धीरे विवाद खबर से निकलकर निजी जीवन तक पहुंच गया। ये दवाब सपना झेल नहीं पाईं और उन्होंने जहर खा लिया। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया और कई दिनों तक आईसीयू में इलाज चला, लेकिन यहीं से उनकी जिंदगी ने सबसे बड़ा मोड़ लिया। जिस घटना ने उन्हें तोड़ा, उसी घटना ने उन्हें देशभर में पहचान भी दिला दी।
‘बिग बॉस’ से आया कैसा बदलाव?
फिर आया वो दिन जब हर टीवी चैनल और हर अखबार में सपना छाई हुई थीं। कुछ समय बाद सपना चौधरी को सलमान खान के शो ‘बिग बॉस’ का बुलावा आ गया। वो शो के 11वें संस्करण में भाग लेने पहुंचीं। देशभर के दर्शकों ने पहली बार हरियाणा की इस कलाकार को करीब से देखा। छह हफ्ते तक वे घर में रहीं। यहीं से उनकी छवि सिर्फ एक स्टेज डांसर की नहीं रही।
‘बिग बॉस’ के बाद आए ये बदलाव
- राष्ट्रीय टेलीविजन ने सपना के संघर्ष, उनके बोलने के अंदाज और उनके व्यक्तित्व को नए दर्शकों तक पहुंचाया।
- हरियाणा की लोक संस्कृति से निकली एक कलाकार अब देशभर के मनोरंजन जगत का जाना-पहचाना चेहरा बन चुकी थी।
- सपना जब ‘बिग बॉस’ के घर से बाहर निकलीं तो उनके पास फिल्मों के ऑफर थे।
- उन्होंने ‘वीरे की वेडिंग’ में ‘हट जा ताऊ’ गाने से बॉलीवुड में एंट्री की।
- इसके बाद ‘दोस्ती के साइड इफेक्ट्स’, ‘नानू की जानू’, ‘जर्नी ऑफ भांगओवर’ समेत कुछ दूसरी फिल्मों में भी नजर आईं।
- अब उनकी पहचान सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं रही।
- सपना कान्स के रेड कारपेट तक पहुंच गईं।
फिल्म ‘देवरानी जेठानी’ के एक सीन में सपना चौधरी
2019 चुनाव में उड़ी कौन सी अफवाह?
इसी बीच साल आया 2019। देश में लोकसभा चुनाव की लहर थी। खबर आई कि सपना चौधरी कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। राज बब्बर ने स्वागत तक कर दिया, लेकिन अगले ही दिन सपना सामने आईं और साफ कहा कि उन्होंने कांग्रेस जॉइन नहीं की है और न ही किसी पार्टी के लिए प्रचार करेंगी। बाद में बीजेपी नेताओं से मुलाकात और चुनाव प्रचार की चर्चाएं भी सामने आईं, लेकिन सपना ने किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से इनकार किया।
कौन हैं सपना के पति वीर साहू?
इसके कुछ वक्त के बाद खबरें आईं सपना की शादी को लेकर। उन्होंने शादी की वीर साहू से जो हरियाणवी गायक, संगीतकार, गीतकार और अभिनेता हैं। उन्हें कई लोग हरियाणा का ‘बब्बू मान’ भी कहते हैं। हिसार के एक जमींदार परिवार से आने वाले वीर ने संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके गाने ‘ठाडी बॉडी’, ‘रसूख आला जाट’ और ‘आह चक’ काफी लोकप्रिय हुए।

क्यों करनी पड़ी कोर्ट मैरिज?
सपना और वीर लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे। फिर जनवरी 2020 में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। परिवार में एक निधन और लॉकडाउन की वजह से शादी सार्वजनिक नहीं हुई। बाद में बेटे के जन्म की खबर के साथ लोगों को इस रिश्ते का पता चला। आज दोनों दो बच्चों के माता-पिता हैं।
अब वापस आते हैं आज के समय में….
आज यही रिश्ता अदालत तक पहुंच चुका है। एक तरफ घरेलू हिंसा के आरोप हैं तो दूसरी तरफ अदालत का अंतरिम संरक्षण आदेश और बीच में एक ऐसी स्टार की जिंदगी है जिसने गरीबी देखी, संघर्ष देखा, विवाद देखे, जहर खाने तक की नौबत देखी और फिर भी हर बार मंच पर मुस्कुराकर लौट आई।
शायद यही वजह है कि सपना चौधरी की कहानी सिर्फ एक डांसर या एक सेलिब्रिटी की कहानी नहीं रह जाती। यह उस सफर की कहानी बन जाती है, जहां मंच पर बजती तालियां और निजी जिंदगी के संघर्ष एक साथ चलते हैं। जहां कैमरे की रोशनी जितनी तेज होती है, उसके पीछे का अंधेरा भी कई बार उतना ही गहरा होता है।
और इस बार मंच नहीं, लोगों की तालियां नहीं, अब इन आरोपों की सच्चाई अदालत की प्रक्रिया से ही सामने आएगी। फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
खैर, हमें अक्सर सिर्फ मंच और मंच पर हंसता मुस्कुराता कलाकार दिखता है, लेकिन मंच के पीछे क्या है, हम नहीं जानते। सपना चौधरी की कहानी भी शायद ऐसी ही कहानी है। जहां तालियों की आवाज बहुत तेज है, लेकिन निजी जिंदगी की खामोशी उससे भी ज्यादा गहरी। सपना के लिए शायद ये कहना ठीक होगा कि भीड़ ने हर बार उसे तालियों का इनाम दिया, मगर जिंदगी ने हर मोड़ पर एक नया इल्जाम दिया। मंच पर मुस्कुराहट थी, आंखों में दर्द छिपा रहा, जो सबसे ज्यादा चमका। वही सबसे ज्यादा तन्हा रहा।

