मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने एक बड़े ड्रग्स तस्करी मामले का खुलासा किया है। केरल की एक पूर्व ब्यूटी पेजेंट रनर-अप और निजी बैंक में कार्यरत महिला को बैंकॉक से लौटने के दौरान गिरफ्तार किया गया है। उसके ट्रॉली बैग से 11.8 किलोग्राम हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 11.8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क और उसके नए तौर-तरीकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


कैसे शक के दायरे में आईं हर्षा सनी?
- 10-11 जून की दरमियानी रात बैंकॉक से मुंबई पहुंचीं।
- एयर इंडिया की उड़ान से छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरीं।
- नियमित जांच के दौरान एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) और कस्टम अधिकारियों की नजर उन पर पड़ी।
- अधिकारियों को उनकी गतिविधियां और व्यवहार संदिग्ध लगे।
- इसके बाद उन्हें रोककर विस्तृत पूछताछ की गई।
- उनके ट्रॉली बैग की गहन तलाशी ली गई।
- जांच के दौरान बैग में कुछ असामान्य वस्तुएं दिखाई दीं।
- शक बढ़ने पर तलाशी अभियान और तेज किया गया।
- ट्रॉली बैग से 12 वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए।
- जांच में पैकेटों में हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा मिलने की पुष्टि हुई।
बैग से क्या बरामद हुआ और इसकी कीमत कितनी है?
तलाशी के दौरान अधिकारियों को ट्रॉली बैग से 12 वैक्यूम-सील पैकेट मिले। इन पैकेटों में हरे रंग का पदार्थ भरा हुआ था। मौके पर एनडीपीएस किट के जरिए रासायनिक परीक्षण किया गया, जिसमें यह पदार्थ हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा निकला। बरामद ड्रग्स का कुल वजन 11.8 किलोग्राम बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 11.8 करोड़ रुपये है। इसके बाद महिला को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
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कौन हैं हर्षा सनी और क्या है उनका दावा?
हर्षा सनी एक निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा वह पिछले वर्ष केरल में आयोजित एक ब्यूटी प्रतियोगिता में रनर-अप भी रह चुकी हैं। पूछताछ के दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है। उनका कहना है कि विदेश यात्रा के दौरान उनकी एक व्यक्ति से दोस्ती हुई थी, जिसने उन्हें यह बैग भारत लाने के लिए दिया था। हर्षा का दावा है कि उन्हें बैग में मौजूद सामग्री के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि जांच एजेंसियां उनके इस दावे की सत्यता की जांच कर रही हैं।
क्या अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं तार?
कस्टम और अन्य जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह से जुड़ा है या नहीं। अधिकारियों का मानना है कि हाइड्रोपोनिक गांजा जैसी महंगी और विशेष श्रेणी की मादक सामग्री का इतनी बड़ी मात्रा में पकड़ा जाना साधारण मामला नहीं है। इसी वजह से बैंकॉक से भारत तक ड्रग्स पहुंचाने वाले संभावित नेटवर्क, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। अदालत में पेश किए जाने के बाद हर्षा सनी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
नेपाल सीमा पर पकड़े गए मामले से क्यों बढ़ी चिंता?
इसी सप्ताह भारत-नेपाल सीमा के पास उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भी एक व्यक्ति को 2.30 किलोग्राम हाई-ग्रेड हाइड्रोपोनिक गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों का मानना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के लिए हवाई मार्ग और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में जांच एजेंसियां ड्रग्स नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

