रतलाम के गांव पलसोड़ी, रामपुरिया और आसपास के पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर भूमि को निवेश क्षेत्र में प्रस्तावित किया गया है। यहां सड़क, पुलिया निर्माण सहित कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। परियोजना के दायरे में आने वाले मकानों और अन्य अतिक्रमणों को प्रशासन द्वारा हटाया जा रहा है, जिसका ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस परियोजना से उनकी कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं तथा उन्हें विस्थापन का सामना करना पड़ेगा। करीब छह माह पहले बिबड़ोद क्षेत्र में मकान और ईंट भट्ठे हटाए गए थे, तब भी ग्रामीणों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था।


देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई
शुक्रवार को राजस्व विभाग और पुलिस का अमला क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंचा। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की गई तो बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर विरोध करने लगे। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

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मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस ने किसी तरह स्थिति पर नियंत्रण पाया। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

