तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने शुक्रवार को कहा कि वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगे और सदन में खुद को ‘असली टीएमसी’ के रूप में मान्यता देने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे सदन में अलग बैठने की व्यवस्था भी चाहते हैं।
बागी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने क्या कहा?
जगदीश बर्मा बसुनिया ने कहा, हमने ‘असली टीएमसी’ समूह बनाया है। अधिकतर सांसद हमारे साथ हैं। बसुनिया ने कहा कि वे अध्यक्ष से आग्रह करेंगे कि उन्हें असली टीएमसी माना जाए। उन्होंने कहा, हम कार्रवाई की मांग करेंगे, बाकी टीएमसी के साथ एक जैसी बैठने की व्यवस्था नहीं चाहिए। यह बैठक 15 जून को होनी है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या बागी टीएमसी सांसदों को पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी की ओर से कोई फोन आया है, तो जगदीश बर्मा बसुनिया ने कहा कि उन्हें कोई फोन नहीं आया है। उन्होंने कहा कि किसी तरह का कोई संपर्क नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, मुझे कोई फोन नहीं आया। मुझे नहीं पता कि किसी अन्य सांसद को फोन आया या नहीं। कोई संपर्क नहीं हुआ है।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह देखने को मिल रही है। पार्टी के कई विधायक बगावत कर चुके हैं और बंगाल विधानसभा में विपक्ष के रूप में मान्यता भी पा चुके हैं। इसका असर पार्टी के संसदीय दल पर भी पड़ा है।
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टीएमसी के बागी सांसदों में कौन-कौन शामिल हैं?
तीन टीएमसी सांसदों ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, लोकसभा में बागी सांसदों के समूह ने 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया है। सूत्रों के अनुसार, 18 मई को टीएमसी के 19 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय में अपने नाम सौंपे थे, जिनमें वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तिदार और शत्रुघ्न सिन्हा जैसी हस्तियां शामिल हैं।
इस सूची में बापी हलदर, डॉ. शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश बर्मा बसुनिया, असीत कुमार माल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, माला राय, कलिपदा सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक जैसे नाम शामिल हैं।

