राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन गुरुवार को उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। आवास पर सुबह से रात तक उनके समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। भोज का भी इंतजाम किया गया था। सबकुछ सामान्य था। बस एक चीज इस बार अलग था। वह था कि पहली बार राबड़ी आवास पर लालू के जन्मदिन पर सुरक्षा में तैनात बिहार पुलिस के जवान नहीं दिख रहे थे। लालू परिवार ने बिहार सरकार की ओर से दी गई सुरक्षा को लौटा दिया है। पिछले छह दिनों राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता ही लालू परिवार को सुरक्षा दे रहे हैं।
राजद कार्यकर्ता चौबीसों घंटे और सातों दिन राबड़ी आवास की सुरक्षा में तैनात हैं। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने पटना जिला के अध्यक्ष को जिम्मेदारी सौंपी है। हर दिन एक प्रखंड के अध्यक्ष के नेतृत्व में राजद कार्यकर्ता राबड़ी आवास पर आते हैं। बाहर लगी कुर्सी पर बैठते हैं। दो शिफ्ट में यह सुरक्षा करते हैं। बातचीत के दौरान पुनपुन प्रखंड के अध्यक्ष उदय यादव ने कहा कि आज हमलोगों को राबड़ी आवास की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। हमलोग सुबह नौ बजे यहां आए थे। आवास के अंदर और बाहर हमलोग मुस्तैद है। लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव से मिलने के जो लोग आ रहे हैं, उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, हमलोग इसका ख्याल रख रहे हैं।
राजद कार्यकर्ता बोले- हमलोग मुस्तैद हैं
इधर, दरभंगा, मधुबनी, अररिया, सीवान समेत कुछ जिलों से भी कई कार्यकर्ता राजद आवास के बाहर मिले। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार लालू परिवार को वापस से पुरानी सुरक्षा व्यवस्था लौटा नहीं देती, तब तक हमलोग सुरक्षा में तैनात रहेंगे। बिहार ही जनता ही लालू परिवार की सुरक्षा करेगी। सीएम सम्राट चौधरी जिस तरह की ओछी राजनीति कर रहे हैं, उससे जनता वाकिफ हो चुकी है। लालू परिवार को प्रताड़ित किया जा रहा है। लेकिन, वह डरने वाले नहीं है। उनकी सुरक्षा में हमलोग हमेशा तत्पर रहेंगे। हमलोग हमेशा यहां मुस्तैद रहेंगे।
‘लालू परिवार को प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा’
राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई थी। कुछ दिन पहले उनकी सुरक्षा में अचानक से कटौती कर दी गई। सत्तापक्ष में दर्जनों ऐसे लोग हैं जो कि न बिहार सरकार में मंत्री और न ही अन्य किसी बड़े पद पर हैं फिर भी उन्हें सुरक्षा दी जा रही है। सामाजिक और राजनीतिक रूप से राजद का जनाधार ज्यादा है। इसलिए खतरा भी ज्यादा है। सरकार को इससे अवगत कराना चाहिए कि किस कमेटी ने सुरक्षा की समीक्षा की है। सीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लालू परिवार को प्रताड़ित और अपमानित करने के लिए यह सब किया जा रहा है।
लालू परिसार में किसे सरकार ने कैसी सुरक्षा दी है
नई व्यवस्था के तहत लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मिल रही जेड प्लस (Z+) श्रेणी की सुरक्षा समाप्त कर दी गई है। अब दोनों को पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते विशेष सुरक्षा दल (SSG) अधिनियम 2010 के तहत एसएसजी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इस सुरक्षा व्यवस्था में बी-सैप के हाउसगार्ड, बुलेटप्रूफ वाहन, पटना पुलिस के अंगरक्षक तथा वाहन एस्कॉर्ट पायलट की सुविधा उपलब्ध रहेगी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था लगभग यथावत रखी गई है। उन्हें पहले की तरह एस्कॉर्ट वाहन के साथ वाई प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी। हालांकि नई व्यवस्था के तहत उनकी सुरक्षा में अब केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के जवान शामिल नहीं होंगे। वहीं तेज प्रताप यादव की सुरक्षा व्यवस्था में किया गया था। सरकार ने उन्हें दी जा रही वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया थ। अब पूर्व विधायक होने के नाते उन्हें वाई श्रेणी सुरक्षा के स्थान पर केवल एक अंगरक्षक (बॉडीगार्ड) की सुविधा दी जाएगी।
जदयू ने कहा- भ्रम फैला रहे तेजस्वी यादव
जनता दल यूनाईटेड के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, उनका परिवार और उनकी पार्टी लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि बिहार सरकार ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली है। जबकि सच्चाई यह है कि सुरक्षा वापस नहीं ली गई है, बल्कि उसमें कटौती की गई है। इस मुद्दे पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। तेजस्वी यादव या उनकी पार्टी को भ्रम नहीं फैलाना चाहिए। नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव स्वयं सरकार में रह चुके हैं और उन्हें सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की पूरी जानकारी है। गृह विभाग के निर्धारित प्रावधानों के तहत उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। किसी भी व्यक्ति को यह राजनीतिक विशेषाधिकार नहीं है कि उसकी इच्छा के अनुसार सुरक्षा बढ़ा या घटा दी जाए।


