विशेषज्ञों के अनुसार कई मामलों में यह समस्या शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी मौजूद रहती है। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच और रक्त परीक्षण के जरिए इसकी समय पर पहचान जरूरी है। समय रहते इलाज न मिलने पर यह स्थिति गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है।

खून की कमी ही नहीं, खून का अधिक होना भी जानलेवा
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