12 जून 2025 को हुए अहमदाबाद प्लेन क्रैश के जख्म अभी भी हरे हैं। सरकार ने पीड़ितों को भले ही मुआवजा दे दिया हो लेकिन परिवार वाले अपनों को खोने के गम से उबर नहीं पा रहे हैं। पीड़ितों के परिवार वालों में फिल्ममेकर महेश जिरावाला के पिता गिरधर भाई कालावाडिया भी शामिल हैं। बेटे को खोने के एक साल गुजर जाने के बावजूद 62 साल के पिता अपना नुकसान स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। उस भयानक हादसे ने उनके उस बेटे को छीन लिया, जिसने उनकी जिंदगी बेहतर बनाने का वादा किया था।
पिता को खलती है महेश की कमी
हादसे के बाद महेश के पिता को मुआवजा मिला। इससे उन्होंने दो-बेडरूम वाला फ्लैट खरीदा। मगर इसी बेडरूम में बैठकर वह अपने बेटे के गुजर जाने के गम में डूबे हैं। पिता का कहना है कि बेटा भले ही इस दुनिया में नहीं है मगर उसने अपना वादा पूरा किया। गिरधर भाई नरोडा इलाके में बने फ्लैट में अपनी पत्नी, छोटे बेटे कार्तिक और पोती के साथ रहते हैं। परिवार इस हादसे के बाद जिंदगी को पटरी पर लाने की धीमी कोशिश कर रहा है। फिर भी, महेश की कमी उन्हें हर दिन खलती है।
