सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर से करोड़ों रुपये गायब होने के कथित मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि लगता है ये इनके लिए हर हफ्ते की साधारण बात है। इतनी अधिक साधारण है कि यह इसे अब उल्लेखनीय भी नहीं मानते हैं।
चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है। ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर स्पष्टीकरण दिया जाए और आंकड़ों के मिलान के लिए सीसीटीवी के साक्ष्य का सहारा लिया जाए। जैसे ही सारे ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे तो सच तत्काल बाहर आ जाएगा क्योंकि उनमें हर कोई एक जैसा नहीं है। इस हेराफेरी की शंका के केंद्र में जब कोई एक व्यक्ति विशेष है ही नहीं तो फिर किसी एक के स्पष्टीकरण का क्या महत्व है।
ये भी स्पष्ट किया जाए कि 40 सेकंड का स्पष्टीकरण आने में इतने घंटे क्यों लगे और स्पष्टीकरण के नाम पर एक मिनट बोलना भी भारी क्यों पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की चुप्पी की तरह ये सफाई भी संदिग्ध है। ऐसा लग रहा है जैसे स्पष्टीकरण के नाम पर शाब्दिक औपचारिकता निभाई जा रही है। अखिलेश लिखते हैं कि संपूर्ण विश्व का सनातन समाज इस बेहद कमजोर स्पष्टीकरण से और भी अधिक संशकित और आहत हुआ है।