लाख कोशिशों के बावजूद संभल प्रशासन ने कसेरूवा गांव में मस्जिद को शहीद कर दिया। यह कहना है सपा के सांसद जियाउर्रहमान बर्क का। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यह प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सांसद का कहना है कि अधिकारियों ने आंखों पर पट्टी बांधकर एक तय निशाने के साथ यह कार्रवाई की है। लोगों की फरियाद और कानूनी दलीलों को भी नहीं सुना गया। इससे इंसाफ पर लोगों का भरोसा कमजोर पड़ने लगा है।
भारत का संविधान किसी को कानून से ऊपर नहीं मानता। मस्जिद शहीद होने के बाद पूरे गांव में गम और मातम का माहौल है। मां-बहनों की आंखें नम हैं और बच्चे सहमे हुए हैं। सांसद ने कहा कि नाइंसाफी के खिलाफ यह आवाज हमेशा बुलंद होती रहेगी।