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साउथ मलाका में वैश्य परिवार हत्याकांड का खुलासा भले ही पुलिस ने 12 घंटे के भीतर कर दिया हो, लेकिन कई सवाल अब भी जवाब के इंतजार में हैं। संदेह इसलिए भी है क्योंकि पुलिस की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। इससे चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस जघन्य हत्याकांड के पीछे सिर्फ एक व्यक्ति था? या फिर कहानी में अभी कुछ और किरदार सामने आने बाकी हैं।

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साउथ मलाका चौराहे स्थित भवन में चार लोगों की हत्या के बाद सन्नाटा पसरा दिखा
– फोटो : अमर उजाला
जिस अभिषेक को घटना का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, वह अब जीवित नहीं है। यानी शनि की कहानी को सही या गलत साबित करने वाला कोई नहीं? जैसा शनि कहता जा रहा है वही सच माना जा रहा है। पुलिस भी इस गुत्थी को समझ रही है और मामले की जांच में जुटी हुई है।

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साउथ मलाका चौराहे स्थित भवन में चार लोगों की हत्या के बाद गेट पर लगा ताला
– फोटो : अमर उजाला
जांच में पता चला है कि आरोपी शनि गुप्ता रोजाना रात करीब 10 बजे तक अपने घर पहुंच जाता था। घटना वाले दिन वह पूरी रात घर नहीं लौटा। हैरानी की बात यह है कि रात करीब एक बजे ही उसके भाई ने साउथ मलाका चौकी पहुंचकर शनि की गुमशुदगी की सूचना दे दी।

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साउथ मलाका चौराहे स्थित भवन में चार लोगों की हत्या के बाद तैनात पुलिस
– फोटो : अमर उजाला
पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर महज तीन घंटे में ही परिजनों को उसकी गुमशुदगी की चिंता क्यों होने लगी? आमतौर पर परिवार के लोग एक-दो दिन नाते-रिश्तेदारी या दोस्तों के यहां तलाश के बाद गुमशुदगी की सूचना देते हैं।

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सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी
– फोटो : अमर उजाला
उधर, आरोपी भी कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटा अभिषेक की हत्या करने के बाद पूरी रात घर पर रुका रहा। उसके पास वारदात को अंजाम देने के बाद भागने का पूरा मौका था लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। जब वह सुबह पांच बजे घर से बाहर निकलने लगा तो सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की वजह से आसानी से पुलिस की गिरफ्त में आ गया।


