Up:चार लाश और 11 घंटे साथ, हार्पिक और ब्लीचिंग पाउडर से धोया खून, नहाया और फिर ताला लगाकर चला गया; पूरी कहानी – Prayagraj Family Murder Case Accused Stayed With Bodies Overnight Know Full Story In Hindi
प्रयागराज के साउथ मलाका में वैश्य परिवार के चार लोगों की हत्या का आरोपी शनि गुप्ता वारदात के बाद करीब 11 घंटे तक उसी मकान में शवों के बीच रहा। उसने पूरी रात साक्ष्य मिटाए। पूरे घर में घूम-घूमकर कई बार खून के धब्बे साफ किए। खून से सनने के बाद उसी मकान में नहाया भी।
इसके बाद मृतक वीरेंद्र की टी-शर्ट और अभिषेक के जूते पहनकर बाहर निकला। मकान और दुकान में ताला लगाकर चला गया। जांच में पता चला कि रविवार शाम छह बजे तक वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक की हत्या हो चुकी थी। इसके बाद वह सोमवार सुबह करीब पांच बजे तक मकान और दुकान के भीतर ही रहा।
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साउथ मलाका चौराहे स्थित भवन में चार लोगों की हत्या के बाद सन्नाटा पसरा दिखा
– फोटो : अमर उजाला
खून के धब्बे मिटाने के लिए हार्पिक, ब्लीचिंग पाउडर का भी इस्तेमाल
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चारों हत्याओं के बाद सबसे पहले घर में मौजूद जेवर और नकदी समेटी। इसके बाद शवों के आसपास फैले खून और संघर्ष के निशानों को मिटाने का काम शुरू किया। खून के धब्बे साफ करने के लिए डिटर्जेंट पाउडर, हार्पिक, ब्लीचिंग पाउडर, हल्दी और सरसों के तेल का इस्तेमाल किया।
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साउथ मलाका चौराहे स्थित भवन में चार लोगों की हत्या के बाद गेट पर लगा ताला
– फोटो : अमर उजाला
फर्श को कई बार गर्म पानी और डिटर्जेंट से धोया, ताकि खून के दाग और फोरेंसिक साक्ष्य नष्ट हो जाएं। पुलिस को घटनास्थल से पानी में भीगी आरोपी की टी-शर्ट और सफाई में इस्तेमाल किए गए कपड़े मिले।
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सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी
– फोटो : अमर उजाला
अभिषेक के शव को दुकान के भीतर किया बंद
आरोपी को आशंका थी कि शवों से उठने वाली दुर्गंध से पड़ोसियों को घटना की जानकारी हो सकती है। इसलिए उसने सभी के शवों को कंबल और रजाई से ढक दिया था। अलमारी से कपड़े निकालकर भी शवों के ऊपर डाल दिए थे। अभिषेक के शव को दुकान के भीतर ही बंद कर दिया, ताकि शव जल्दी नजर न आए और दुर्गंध बाहर न पहुंचे।
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साउथ मलाका चौराहे स्थित भवन में चार लोगों की हत्या के बाद तैनात पुलिस
– फोटो : अमर उजाला
कॉल डिटेल और सीसीटीवी साबित हुए अहम… आखिरी बातचीत से बढ़ा शक
वैश्य परिवार हत्याकांड के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज और कॉल डीटेल अहम साबित हुए। अभिषेक वैश्य और आरोपी शनि गुप्ता के बीच लगातार फोन पर हुई बातचीत ने पुलिस को सीधे हत्यारोपी तक पहुंचा दिया।