Temple Bond News: मंदिरों के नाम पर कमाई करने के बारे में आज तक हमने कई बार सुना है. ये उन लोगों के लिए कहा जाता है जो मंदिर, पूजा या भगवान के नाम पर मोटी रकम या चंदा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आने वाले समय में आप और हम जैसे आम लोग भी जल्दी ही मंदिरों के नाम पर कमाई कर पाएंगे, ये किसी धोखाधड़ी से नहीं बल्कि लीगल तरीके से हो पाएगा. आइये जानते हैं कैसे?
सरकार कर रही ‘टेम्पल बॉन्ड’ की तैयारी
दरअसल मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार जल्दी ही ‘टेम्पल बॉन्ड’ लेकर आने वाली है. जिसके जरिए आम लोग भी मंदिरों में बॉन्ड के रूप में निवेश कर पाएंगे. इस बॉन्ड के जरिए एक तय समय में आपको कुछ पैसा लगाना होगा, जिस पर सरकार या मंदिर ट्रस्ट आपको नियमित रूप से ब्याज देंगे.
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ये प्रस्ताव सरकार साल 2028 में होने वाले उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ से पहले रखने वाली है. एमपी सरकार का प्लान है कि इस कुंभ मेले से पहले 200 करोड़ के मंदिर बॉन्ड जारी किए जा सकते हैं. लोगों के द्वारा बॉन्ड के जरिए लगाए गए पैसों का इस्तेमाल उज्जैन और उसके आसपास के ऐतिहासिक मंदिरों के रंग-रोगन के लिए किया जाएगा. इससे ही मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों, सड़कों, पार्किंग व्यवस्था के साथ ही पीने के पीन जैसी सुविधाओं के लिए इस फंड का इस्तेमाल किया जाने वाला है.
मंदिरों से सुधरेगी अर्थव्यवस्था!
बड़े मंदिर और धार्मिक स्थल अब केवल आस्था का केंद्र ही नहीं है, बल्कि इनके जरिए अब सरकार अर्थव्यवस्था भी सुधारने की कोशिश कर रही है. ये व्यवस्था उन मंदिरों पर लागू होगी जहां पर ज्यादा से ज्यादा लोग पर्यटक के रूप में आते हैं, उन्हीं के पैसे से सरकार अब उन्हें सुविधाएं प्रदान करेगी. इसे ‘पिलग्रिमेज इकोनॉमी’ भी कहा जाता है. हालांकि सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि मंदिर बॉन्ड में किसी भी तरह से मंदिर की सम्पत्ति को गिरवी या बेचा नहीं जाएगा. ये केवल एक फंड जुटाने का जरिया होने वाले हैं.
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