अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन पर ‘पागल’ कहा था, क्योंकि उन्हें लगा कि इस्राइल का हिजबुल्ला के खिलाफ लेबनान में चल रहा युद्ध ईरान के साथ शांति वार्ता को रोक रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस वजह से वह थोड़े नाराज थे, लेकिन फिर भी उनके नेतन्याहू के साथ संबंध ठीक हैं।
हालांकि, तनाव को स्वीकार करते हुए भी ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू के साथ उनका रिश्ता मजबूत है और दोनों के बीच अच्छा तालमेल है, क्योंकि दोनों ‘युद्धकालीन’ नेता हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट के साथ इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, हमने बहुत अच्छा काम साथ किया है। मुझे बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) बहुत पसंद हैं और मैं उनके साथ बहुत अच्छा काम करता हूं।
ट्रंप ने माना कि नेतन्याहू के साथ उनकी फोन कॉल तनावपूर्ण थी, जो इस बात का संकेत है कि ईरान युद्ध को लेकर उन पर दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि ऊर्जा की कीमतें और आर्थिक अनिश्चितता रिपब्लिकन पार्टी को चुनावों में नुकसान पहुंचा सकती हैं और वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर रही हैं।
ट्रंप ने कहा कि वह इस संघर्ष के खत्म होने की समय-सीमा को लेकर निश्चित नहीं हैं और उन्होंने संकेत दिया कि हो सकता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य सात सितंबर (लेबर डे) तक बंद रहे। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि ईरान परमाणु हथियार की दिशा में किसी भी प्रयास को रोके और यह मार्ग तेल और गैस आपूर्ति के लिए फिर से खोला जाए।
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ट्रंप ने कहा, मुझे नहीं पता। लेकिन मुझे लगता है कि लेबर डे तक बंद रह सकता है। हालांकि, यह संभावना कम है। मुझे लगता है कि यह जल्द ही सुलझ जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई शांति वार्ता में शामिल हैं। उन्होंने कहा, उन्हें उनके प्रति बहुत सम्मान है। ट्रंप ने दावा किया कि खामेनेई हमले में लगी चोटों के कारण ठीक नहीं हैं। लेकिन फिर भी वह वार्ता को मंजूरी दे रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच लेबनान में संघर्ष के चलते तनाव कम होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। बुधवार को इस्राइली हमले में बेरूत के दक्षिण में एक व्यस्त राजमार्ग पर एक कार को निशाना बनाया गया। यह हमला वाशिंगटन में लेबनान और इस्राइल के बीच जारी वार्ता के दूसरे दिन से पहले हुआ।


