कर्नाटक की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इस बड़े राजनीतिक बदलाव के साथ ही राज्य की सत्ताधारी पार्टी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद इस बदलाव की जमीन तैयार हुई थी।

नए युग की शुरुआत और 2028 का लक्ष्य
कांग्रेस विधायक शरत कुमार बच्चेगौड़ा ने इस शपथ ग्रहण समारोह को कर्नाटक के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान जल्द ही उन मंत्रियों के नामों की घोषणा करेगा जो शिवकुमार के साथ शपथ लेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिद्धारमैया के पिछले तीन साल और उससे पहले के पांच साल के कार्यकाल में लागू किए गए अच्छे प्रशासन और सामाजिक न्याय के कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखा जाएगा। कांग्रेस का मुख्य ध्यान अब 2028 के आगामी विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव पर है। पार्टी इस बदलाव के जरिए चुनाव के लिए मजबूत माहौल तैयार करना चाहती है।
दूसरी ओर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने इस बदलाव पर बेहद संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी नेतृत्व उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, वे उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। उनके लिए पद से ज्यादा काम महत्वपूर्ण है।
डीके शिवकुमार ने मंत्रियों को लेकर क्या कहा?
मीडिया में मंत्रियों को लेकर चल रही अटकलों पर कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि मीडिया में जो समय बताया जा रहा है, वह सही नहीं है। कल सुबह 10 बजे या फिर दोपहर में, हाई कमान मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देकर भेज देगा। हम सभी एक साथ बैठे, चर्चा की और अपनी-अपनी राय साझा की। जैसे ही हाई कमान सूची भेजेगा, हम उसे राजभवन भेज देंगे। कल शाम को हमने कांग्रेस पार्टी के एक कार्यालय के शिलान्यास समारोह का कार्यक्रम तय किया है।
दिल्ली में बैठकों का दौर और शिवकुमार का विजन
इस राजनीतिक बदलाव को अमलीजामा पहनाने के लिए पिछले कुछ दिनों से नई दिल्ली में बैठकों का दौर जारी था। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री पद के दावेदार डीके शिवकुमार और निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ गहन चर्चा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में नए मंत्रिमंडल के स्वरूप और आगामी राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई।
शपथ ग्रहण से पहले डीके शिवकुमार ने अपने राजनीतिक सफर को याद किया। उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने उन पर हमेशा भरोसा जताया है। शिवकुमार ने कहा कि वे कर्नाटक को देश के अग्रणी आर्थिक और तकनीकी केंद्र के रूप में आगे बढ़ाएंगे। वे किसानों, महिलाओं और युवाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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‘केवल ड्राइवर बदलने से बस नहीं चलती’
इस बीच, विपक्षी दल भाजपा ने कर्नाटक के इस सत्ता परिवर्तन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन और विकास के बजाय आंतरिक सत्ता संघर्ष को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि तीन साल से राज्य में ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ चल रहा है, जिससे जनता के मुद्दे पीछे छूट गए हैं।
कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवादी नारायणसामी ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, कि केवल ड्राइवर बदलने से बस नहीं चलती, इंजन बदलना पड़ता है। यह प्रशासन पूरी तरह भ्रष्ट था और कोई विकास नहीं हुआ। केवल सीएम बदलने से राज्य का भला नहीं होगा। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर दलित विरोधी होने का भी आरोप लगाया।
भव्य समारोह की तैयारियां
आज शाम 4 बजे बंगलूरू के लोक भवन में होने वाले इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। समारोह को समावेशी बनाने के लिए सभी धर्मों के गुरुओं, किसान नेताओं, सफाई कर्मचारियों, दैनिक वेतन भोगी मजदूरों, दलित संगठनों और महिला स्वयं सहायता समूहों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। शिवकुमार के गृह क्षेत्र कनकपुरा के सरकारी स्कूल के बच्चे भी इस पल के गवाह बनेंगे।
शपथ ग्रहण और कैबिनेट बैठक के बाद डीके शिवकुमार भारत जोड़ो भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। हालांकि, कांग्रेस भवन के शिलान्यास कार्यक्रम को फिलहाल आगे के लिए टाल दिया गया है।

