जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड में हुआ एक अनोखा विवाह इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। BPSC से चयनित एक शिक्षिका ने अपने जेंडर ट्रांजिशन करा चुके साथी के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। दोनों का कहना है कि उनका संबंध पिछले करीब पांच वर्षों से था और अब उन्होंने इसे सामाजिक पहचान देने का निर्णय लिया। जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीपुर प्रखंड के हरला गांव निवासी नैन्सी कुमारी वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय मेदनीपुर में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। बताया जाता है कि उनकी करीबी रिश्तेदारी में आने वाली राखी कुमारी से बचपन से ही गहरी मित्रता थी। दोनों ने साथ पढ़ाई की, एक ही समय मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की और आगे की शिक्षा के दौरान भी एक-दूसरे के संपर्क में रहीं।
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। वर्ष 2023 में दोनों पटना जाकर BPSC की तैयारी करने लगीं। वर्ष 2025 में नैन्सी का चयन शिक्षक भर्ती परीक्षा के माध्यम से सरकारी शिक्षिका के रूप में हुआ। इसी बीच राखी ने जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी की और अपना नाम राहुल रख लिया। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस प्रक्रिया में लगभग छह महीने का समय लगा।
इसके बाद दोनों ने अपने संबंध को विवाह का रूप देने का फैसला किया। दोनों ने 31 मई को लक्ष्मीपुर प्रखंड स्थित पटेश्वर नाथ मंदिर में सादगीपूर्ण समारोह में सात फेरे लिए। विवाह में सीमित संख्या में लोग मौजूद रहे। शादी के बाद नवविवाहित जोड़ा राहुल के पैतृक गांव पहुंचा, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। विवाह से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया।
राहुल के परिजनों का कहना है कि उन्हें विवाह की पूर्व जानकारी नहीं थी। परिवार को इसकी सूचना बाद में मिली। वहीं, दोनों के बालिग होने के कारण पुलिस ने भी इसे उनकी व्यक्तिगत पसंद का मामला बताया। हालांकि विवाह को लेकर दोनों परिवारों के बीच मतभेद की बातें भी सामने आई हैं।

