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ग्रीन कार्ड नियमों पर अमेरिका का यू-टर्न, ट्रंप ने फिर बदले नियम, प्रवासियों की बल्ले-बल्ले, भारतीयों को कैसे होगा फायदा?

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ग्रीन कार्ड नियमों को लेकर फैली आशंकाओं के बीच अमेरिकी सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है. पिछले सप्ताह जारी एक घोषणा से यह संदेश गया था कि स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन करने वाले अधिकांश प्रवासियों को प्रक्रिया पूरी होने तक अमेरिका छोड़कर अपने देश लौटना पड़ सकता है. हालांकि अब अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने साफ किया है कि नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है और ज्यादातर आवेदकों को ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के दौरान अमेरिका में रहने की अनुमति मिलती रहेगी.

क्या था विवाद?
विवाद की शुरुआत अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) की हालिया घोषणा से हुई थी. इस घोषणा को लेकर यह धारणा बनी कि ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को सामान्य तौर पर अमेरिका छोड़कर अपने गृह देश में इंतजार करना होगा और केवल ‘असाधारण’ परिस्थितियों में ही उन्हें अमेरिका में रहने की अनुमति मिलेगी.इस घोषणा के बाद प्रवासी समुदायों और आव्रजन अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों के बीच चिंता बढ़ गई थी.

DHS ने क्या कहा?
शुक्रवार को DHS ने स्पष्ट किया कि ग्रीन कार्ड प्रक्रिया को लेकर कोई व्यापक नीति परिवर्तन नहीं किया गया है. विभाग के अनुसार, आव्रजन अधिकारियों के पास पहले से ही यह अधिकार है कि वे प्रत्येक मामले का अलग-अलग आधार पर मूल्यांकन करें और तय करें कि किसी आवेदक को प्रक्रिया अमेरिका के भीतर पूरी करने की अनुमति दी जाए या विदेश से. DHS के प्रवक्ता ने कहा कि हालिया दिशा-निर्देश केवल अधिकारियों को उनकी मौजूदा शक्तियों की याद दिलाने के लिए जारी किए गए थे, न कि सभी आवेदकों पर कोई नया नियम लागू करने के लिए.

ज्यादातर आवेदकों पर नहीं पड़ेगा असर
विभाग ने जोर देकर कहा कि स्थायी निवास की मांग करने वाले अधिकांश लोगों को ग्रीन कार्ड आवेदन की समीक्षा के दौरान अमेरिका में ही रहने की अनुमति मिलती रहेगी. यानी बड़ी संख्या में आवेदकों को देश छोड़ने की आवश्यकता नहीं होगी. हालांकि अधिकारियों ने संकेत दिया है कि कुछ विशेष परिस्थितियां, जैसे वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकना या अन्य आव्रजन संबंधी उल्लंघन, व्यक्तिगत मामलों में फैसले को प्रभावित कर सकते हैं.

फिर भी कई सवाल बाकी
हालांकि DHS के स्पष्टीकरण से काफी हद तक स्थिति स्पष्ट हुई है, लेकिन सरकार ने अभी तक यह विस्तार से नहीं बताया है कि किन परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को ग्रीन कार्ड प्रक्रिया के दौरान अमेरिका छोड़ने के लिए कहा जा सकता है. यही वजह है कि आव्रजन विशेषज्ञ अब भी अधिक स्पष्ट दिशा-निर्देशों की मांग कर रहे हैं.

व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पूरे मामले को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है. अधिकारी का कहना है कि यह अमेरिकी आव्रजन नीति में किसी बड़े रणनीतिक बदलाव का संकेत नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद अधिकारों और प्रक्रियाओं को दोहराने वाला कदम है.

फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल DHS का संदेश साफ है कि ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले अधिकांश प्रवासियों को आवेदन प्रक्रिया पूरी होने तक अमेरिका में रहने की अनुमति मिलती रहेगी. हालांकि कुछ मामलों में अधिकारियों के विवेकाधिकार के आधार पर अलग निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन यह कोई नया या सार्वभौमिक नियम नहीं होगा.

भारत के लोगों के लिए राहत

इस फैसले से अमेरिका में रह रहे भारतीयों को बड़ी राहत मिलेगी. पहले यह डर था कि ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को मंजूरी मिलने तक अमेरिका छोड़कर अपने देश वापस जाना पड़ सकता है. लेकिन अब साफ हो गया है कि ज्यादातर लोगों को ऐसा नहीं करना होगा. इसका मतलब है कि भारतीय ग्रीन कार्ड का इंतजार करते हुए अपनी नौकरी कर सकेंगे, बच्चों की पढ़ाई जारी रख सकेंगे और अपने परिवार के साथ अमेरिका में रह सकेंगे. खासकर उन भारतीयों के लिए यह अच्छी खबर है, जिन्हें ग्रीन कार्ड मिलने में कई साल लग जाते हैं.

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