गोवा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश जारी कर गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और विकसित भारत के निर्माण में उसके योगदान की सराहना की।
विकसित भारत में गोवा की भूमिका
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि गोवा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मेहमाननवाजी के साथ-साथ शिक्षा, प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के लिए जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बल पर गोवा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राष्ट्रपति ने राज्यवासियों के लिए निरंतर समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की।
गोवा के मिलनसार लोगों की दुनिया में अलग पहचान
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा राज्य स्थापना दिवस को विशेष अवसर बताते हुए राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गोवा की जीवंत संस्कृति, समृद्ध विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और यहां के मिलनसार लोग दुनिया भर में अपनी अलग पहचान रखते हैं। प्रधानमंत्री ने उन सभी लोगों के योगदान को भी याद किया जिन्होंने गोवा की प्रगति और पहचान को मजबूत बनाने के लिए अथक परिश्रम किया।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि गोवा आने वाले समय में भी विकास के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।
गौरतलब है कि 30 मई 1987 को गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। पुर्तगाली शासन से मुक्ति के बाद राज्य ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। आज गोवा पर्यटन, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और फार्मा उद्योग के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समुद्र तटों, सांस्कृतिक विविधता और शांत वातावरण के कारण गोवा देश-विदेश के पर्यटकों का पसंदीदा पर्यटन केंद्र बना हुआ है। राज्य सरकार भी सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्टार्टअप्स के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दे रही है।

