केन्या के नकुरु काउंटी स्थित गिलगिल के उतुमिशी गर्ल्स अकादमी में छात्रावास में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर दिया है. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे लड़कियों के डॉर्मिटरी में आग भड़क उठी. हादसे में अब तक 16 छात्राओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 74 अन्य छात्राएं घायल हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज जारी है.
तड़के लगी आग, राहत-बचाव अभियान तुरंत शुरू
केन्या रेड क्रॉस के मुताबिक, आग लगने की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं, एम्बुलेंस टीमें और मनोवैज्ञानिक सहायता कर्मी मौके पर पहुंच गए. बचाव और राहत अभियान तुरंत शुरू किया गया, जबकि प्रशासन ने पूरे परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया.
मौत का आंकड़ा बढ़कर 16 पहुंचा
शुरुआत में 10 छात्राओं की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में गंभीर रूप से झुलसी छह और छात्राओं ने दम तोड़ दिया. अधिकारियों के अनुसार, कई छात्राओं की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. घायलों का इलाज सेंट जोसेफ अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा केंद्रों में चल रहा है.
सरकार ने भेजे काउंसलिंग एक्सपर्ट
हादसे के बाद केन्या के स्टेट डिपार्टमेंट फॉर चिल्ड्रेन सर्विसेज ने जीवित बची छात्राओं, मृतकों के परिजनों, शिक्षकों और राहतकर्मियों की मदद के लिए काउंसलिंग विशेषज्ञों की तैनाती की घोषणा की है. विभाग ने कहा कि प्रभावित लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक पुनर्वास के लिए विशेष मनोसामाजिक सहायता सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
राष्ट्रपति रूटो ने जताया शोक
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई. उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान बचाव कार्य, घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता पर है. साथ ही आग लगने के कारणों की जांच भी जारी है.
आग लगने के कारणों की जांच जारी
प्रशासन ने कहा है कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है. फिलहाल बचाव कार्य, घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने पर प्राथमिकता के साथ काम किया जा रहा है. यह हादसा केन्या के हालिया वर्षों के सबसे दर्दनाक स्कूल अग्निकांडों में से एक माना जा रहा है.
