भोपाल में पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले की जांच के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम मंगलवार को सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। एक पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।

महिला अधिकारियों समेत सीबीआई की विशेष टीम भोपाल के कटारा हिल्स स्थित गिरिबाला सिंह के निवास पर जांच के लिए पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी भी वहां मौजूद रहे, हालांकि उन्हें घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
सीबीआई ने सोमवार को ट्विशा शर्मा मामले की जांच अपने हाथ में लेते हुए उनके पति अधिवक्ता समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में कथित रूप से फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं।
जांच के लिए सीबीआई ने अपनी स्पेशल क्राइम यूनिट को भोपाल भेजा है, जो मामले से जुड़े दस्तावेज और सबूत जुटा रही है। सीबीआई ने राज्य पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को अपनी प्रक्रिया के तहत दोबारा पंजीबद्ध किया है, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।
राज्य पुलिस से जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु), धारा 85 (पति या उसके रिश्तेदार द्वारा महिला के साथ क्रूरता) और धारा 3(5) (समान आशय) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं लागू की हैं। यही धाराएं पहले राज्य पुलिस ने भी लगाई थीं।
‘दहेज से ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं था’
भोपाल पुलिस ने ट्विशा शर्मा की मौत के दो दिन बाद मामला दर्ज किया था। ट्विशा के परिजनों ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि शादी में दिए गए दहेज से ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं था और उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों ने घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से 33 वर्षीय ट्विशा को यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की मानसिक स्थिति को लेकर उठाए थे सवाल
हालांकि, ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने कई मीडिया इंटरव्यू में उनकी मानसिक स्थिति और इलाज को लेकर सवाल उठाए हैं। समर्थ सिंह को 10 दिनों तक फरार रहने के बाद शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को भोपाल की अदालत ने उन्हें सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
वहीं, रविवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर दिल्ली एम्स की डॉक्टरों की टीम ने भोपाल में ट्विशा शर्मा का दोबारा पोस्टमार्टम किया। ट्विशा के माता-पिता ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रक्रिया में लापरवाही की आशंका जताई थी।
आरोपी पति समर्थ सिंह की रिमांड मांग सकती है सीबीआई
इधर, सीबीआई ने मंगलवार सुबह से मामले की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की डीएसपी निशु कुशवाहा को इस मामले का जांच अधिकारी बनाया गया है। फिलहाल जांच की जिम्मेदारी दिल्ली सीबीआई यूनिट के पास है। संभावना जताई जा रही है कि सीबीआई आज भोपाल की विशेष अदालत में आवेदन देकर आरोपी पति समर्थ सिंह की रिमांड मांग सकती है।
क्या सीडीआर से खुलेंगा राज?
गिरिबाला सिंह फिलहाल भोपाल जिला अदालत से अग्रिम जमानत पर हैं। जबलपुर हाईकोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत निरस्त कराने को लेकर सरकार द्वारा दायर याचिका पर 27 मई को दोपहर ढाई बजे के बाद सुनवाई होनी है। वहीं, मंगलवार को भोपाल जिला अदालत में परिजनों की याचिका पर सुनवाई होगी। परिजनों ने अदालत में आवेदन देकर मांग की है कि 12 मई की रात त्विषा शर्मा की मौत के बाद से 20 मई तक गिरिबाला सिंह ने किन-किन लोगों से बातचीत की, किनके फोन रिसीव किए, उसकी पूरी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) सुरक्षित रखी जाए।
देर से सूचना देने की होगी जांच
त्विषा ने 12 मई की रात 10: 20 बजे कथित रूप से फांसी लगाई थी। एम्स से 13 मई की सुबह पांच बजे मामला दर्ज कराया गया। सीबीआई इस बात की जांच करेगी कि पुलिस तक सूचना देरी से क्यों पहुंचाई गई? सीबीआई मामला नोट करने वाले डॉक्टर से भी पूछताछ करेगी। त्विषा के परिजन आरोप लगा रहे थे कि प्रकरण को प्रभावित करने की नीयत से गिरिबाला सिंह और उनके बेटे ने समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी। समर्थ अस्पताल में त्विषा की मौत की पुष्टि के बाद घर लौट आया था। त्विषा के परिजन का आरोप था कि इस दौरान समर्थ ने साक्ष्यों को प्रभावित किया। परिजन ने आशंका जताई थी कि क्रिमिनल लॉयर होने के कारण उसने क्राइम सीन पर हेरफेर किया। इस बात की पुष्टि सीबीआई की एफआईआर में भी हुई है। पुलिस को सूचना देने में अतिरिक्त देरी की गई थी।त्विषा के कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने पर आज भोपाल अदालत में सुनवाई।
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इसके साथ ही परिजनों ने गिरिबाला सिंह के घर के सीसीटीवी फुटेज और 12 मई की रात त्विषा शर्मा को एम्स ले जाते समय के सीसीटीवी फुटेज भी संरक्षित रखने की मांग की है। इस याचिका पर पहले 25 मई को सुनवाई होनी थी, लेकिन केस डायरी जबलपुर हाईकोर्ट में होने के कारण सुनवाई एक दिन आगे बढ़ा दी गई।
सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज को अहम साक्ष्य माना जा रहा
बता दें कि त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज को अहम साक्ष्य माना जा रहा है। इसी कारण परिजन इन साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए अदालत पहुंचे हैं। वहीं, दिल्ली एम्स की टीम द्वारा किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी अगले तीन से चार दिनों में आने की संभावना है। यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होती है, तो सीबीआई उसी आधार पर आगे की जांच कर चालान पेश करेगी।

