11:28 AM, 26-May-2026
अमेरिका के बजाय किसी दूसरे देश में नष्ट हो ईरान का यूरेनियम, ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा है कि अमेरिका अब इस बात के लिए तैयार है कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को नष्ट करने के लिए अमेरिका भेजने के बजाय किसी दूसरे स्वीकार्य देश में ट्रांसफर कर सकता है। ट्रंप के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया परमाणु ऊर्जा आयोग की कड़ी निगरानी में होगी। हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि वे किस देश के आयोग की बात कर रहे हैं, लेकिन कूटनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि आखिर वो कौन सा देश होगा जहां ईरान का खतरनाक यूरेनियम भेजा जा सकता है।
11:11 AM, 26-May-2026
ईरान पर अमेरिका ने फिर किया हमला, तेहरान ने दावे पर साधी चुप्पी

पश्चिम एशिया संकट
– फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच दक्षिणी ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और उसके आस-पास का इलाका तीन जोरदार धमाकों की आवाज से दहल उठा है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक ये धमाके इतने तेज थे कि इनकी गूंज काफी दूर तक सुनी गई, हालांकि अभी यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है कि यह धमाके शहर के भीतर हुए हैं या पास के समंदर में। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि उसकी सेना ने दक्षिणी ईरान में उन नावों और मिसाइल लॉन्चर्स को निशाना बनाया है, जो दुनिया के सबसे संवेदनशील तेल सप्लाई रूट ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में समुद्री सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं।
इस बड़े सैन्य एक्शन के बाद तेहरान में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है और ईरान सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी हमले की इन खबरों को न तो खारिज किया है और न ही इसकी पुष्टि की है, जिससे सस्पेंस और ज्यादा गहरा गया है। इस रहस्यमयी चुप्पी के बीच पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान ने इस हमले का पलटवार किया, तो पिछले महीने से दोनों देशों के बीच बना बेहद नाजुक युद्धविराम पूरी तरह टूट जाएगा और यह क्षेत्र एक बार फिर भीषण युद्ध की आग में झुलस सकता है।
11:06 AM, 26-May-2026
जी हुजूरी करने वाले पाकिस्तान ने ट्रंप की अपील क्यों ठुकराई?, अब्राहम समझौते पर कहा- हमें मंजूर नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिम देशों से अब्राहम समझौते में शामिल होने की मांग की थी। वहीं, पाकिस्तान ने अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया है। रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद किसी भी ऐसे समझौते का समर्थन नहीं करेगा जो देश की मौलिक विचारधाराओं के खिलाफ हो। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, यह बयान पाकिस्तानी प्रसारक समा टीवी के साथ एक साक्षात्कार के दौरान दिया गया। पढ़ें पूरी खबर…
11:05 AM, 26-May-2026
दक्षिणी ईरान में अमेरिका का हवाई हमला, माइन बिछा रही नौकाएं और मिसाइल लॉन्च साइट बने निशाना
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दक्षिणी ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका ने सेल्फ डिफेंस स्ट्राइक करते हुए ईरानी मिसाइल लॉन्च साइटों और माइन बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई अपने सैनिकों और युद्धपोतों की सुरक्षा के लिए की गई। खास बात यह है कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम और परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ा दिया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
10:47 AM, 26-May-2026
West Asia Tension: शांति की तरफ बढ़ रहे ईरान-अमेरिका के बीच फिर बढ़ा टकराव, PAK-UAE के तेवरों से भी चिंता बढ़ी
अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच यह भीषण सैन्य टकराव इसी साल 28 फरवरी 2026 को तब शुरू हुआ, जब अमेरिका और इस्राइल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान पर लगभग 900 हवाई हमले कर उसके सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित कई टॉप कमांडरों को ढेर कर दिया और उसके परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया। इसके जवाब में ईरान ने पूरे पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, इस्राइल और खाड़ी देशों पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे। इतना ही नहीं, दुनिया के सबसे संवेदनशील तेल व्यापार मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को ब्लॉक कर दिया, जिससे वैश्विक स्तर पर गंभीर ईंधन संकट पैदा हो गया। हालांकि, पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता के बाद 8 अप्रैल 2026 से एक बेहद नाजुक युद्धविराम लागू है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में पर्दे के पीछे चल रही शांति वार्ता के बीच ईरान की ओर से समुद्र में माइंस बिछाने की कोशिशों और जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान पर फिर बमबारी की है। ताजा हवाई हमलों ने इस पूरे इलाके को एक बार फिर महायुद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

