बंगाल में चुनाव नतीजों की घोषणा के करीब तीन हफ्ते बाद मंगलवार को भाजपा प्रवक्ता सह उत्तराखंड से निर्वाचित लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 11 बजे दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक प्रख्यात हस्ती को पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी। उनके इस एक्स पोस्ट के बाद भाजपा में नई सियासी हस्ती के आगमन को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है। बंगाल से ओडिशा तक राजनीतिक हलचल देखी जा रही है।
बंगाल से ओडिशा तक किन नेताओं के नाम की चर्चा?
दरअसल, भाजपा प्रवक्ता और सांसद अनिल बलूनी ने कहा है कि आज पार्टी मुख्यालय में एक मशहूर शख्स को सदस्यता दिलाई जाएगी। उन्होंने नाम का खुलासा नहीं किया है। ओडिशा में देबाशीष सामंतराय के रूख और बंगाल में सीएम ममता बनर्जी के करीबी रहे कल्याण बनर्जी के बयानों को देखते हुए दोनों राज्यों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया है।
बीजेडी सांसद सामंतराय के इस्तीफे के बाद अटकलें तेज
दरअसल बीजेडी के वरिष्ठ नेता देबाशीष सामंतराय ने सोमवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ-साथ राज्यसभा से भी अपना पद छोड़ दिया। समंतराय ने आरोप लगाया कि पार्टी में उन्हें लगातार नीचा दिखाया जा रहा था और उनकी अनदेखी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नवीन पटनायक के करीबी होने के बावजूद उन्हें पार्टी प्रमुख से मिलने तक नहीं दिया जा रहा था।
पार्टी पर लगाए थे गंभीर आरोप
दो बार विधायक रह चुके समंतराय पहले भी नवंबर 2025 में बीजेडी वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके थे। उस समय भी उन्होंने पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेडी अब पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक की विचारधारा से दूर हो चुकी है। समंतराय ने सवाल उठाया कि बीजू पटनायक की विरासत को ऐसे लोगों के हाथों में क्यों सौंपा जा रहा है, जिनका उस विरासत से कोई सीधा संबंध नहीं है।
क्या नाराज काकोली घोष छोड़ेंगी टीएमसी?
तृणमूल कांग्रेस सांसद काकोली घोष दस्तीदार बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी मानी जाती हैं। हालांकि, बीते दिनों उनके पार्टी से नाराज होने की अटकलें सामने आई थीं। कुछ समय पहले ही कोकोली घोष ने बारासात जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी ने सांसद काकोली घोष को हटाकर कल्याण बनर्जी को मुख्य सचेतक बनाया था।


