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इन 5 कारणों के चलते चेन्नई सुपर किंग्स नहीं कर सकी प्लेऑफ में प्रवेश, इंजरी ने बिगाड़ा पूरा खेल

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एक बार फिर चेन्नई सुपर किंग्स का प्लेऑफ में पहुंचने का सपना पूरा नहीं हुआ. लगातार दूसरी बार टीम क्वालीफाई करने से चूक गई. आईपीएल 2026 चेन्नई सुपर किंग्स के लिए किसी भयावह सपने से कम नहीं गुजरा. इस सीजन चेन्नई सिर्फ छह मुकाबले ही जीत सकी. यहां जानिए आखिर वो कौनसे कारण रहे, जिसकी वजह से पांच बार की चैंपियन अंतिम चार में जगह नहीं बना सकी. 

1- खिलाड़ियों की इंजरी

चेन्नई सुपर किंग्स का प्लेऑफ में नहीं पहुंचने का सबसे बड़ा कारण खिलाड़ियों की इंजरी रहा. नाथन एलिस चोट के चलते टूर्नामेंट से बाहर हो गए, तो अच्छी लय में दिखाई दिए आयुष म्हात्रे का इंजरी की वजह से बाहर होना बड़ा झटका रहा. खलील अहमद भी 5 मैच खेलने के बाद चोटिल हो गए जबकि बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दे रहे जेमी ओवरटन भी अहम समय पर इंजरी के कारण आईपीएल 2026 से बाहर हुए. 

2- युवा खिलाड़ियों ने किया निराश 

आईपीएल 2026 के लिए चेन्नई सुपर किंग्स ने कई युवा खिलाड़ियों पर बड़ा दांव खेला था. प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा को चेन्नई सुपर किंग्स ने 14-14 करोड़ से ज्यादा रकम खर्च कर खरीदा था. हालांकि, दोनों खिलाड़ी इस सीजन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके. उर्विल पटेल भी इस सीजन सिर्फ एक ही अर्धशतक लगा सके.

3- कप्तान लगातार रहे फ्लॉप 

चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ लगातार बल्लेबाज से फ्लॉप होते रहे. गायकवाड़ टीम के सबसे मुख्य बल्लेबाज थे, लेकिन उन्होंने हर बार निराश किया. गायकवाड़ आईपीएल 2026 में सिर्फ 123 के स्ट्राइक रेट से 337 रन ही बना सकी. 

4- फिनिशर डेवाल्ड ब्रेविस और शिवम दुबे उम्मीदों पर नहीं उतरे खरे

डेवाल्ड ब्रेविस से आईपीएल 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद थी. हालांकि, ब्रेविस टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे. ब्रेविस ने 11 मुकाबलों में महज 127 के स्ट्राइक रेट से 151 रन बनाए. ब्रेविस आईपीएल 2026 में एक अर्धशतक तक नहीं लगा सके. वहीं, शिवम दुबे भी इस बार फिनिशर की भूमिका पर खरे नहीं उतरे.

5- गेंदबाजी विभाग में अनुभव की कमी 

चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाजी विभाग में इस सीजन अनुभव की कमी साफ दिखाई दी. अंशुल कंबोज चेन्नई के मुख्य गेंदबाज थे, जिन्हें इतना अनुभव नहीं है. खलील अहमद के बाहर होने के बाद टीम का तेज गेंदबाजी अटैक और भी कमजोर नजर आया. स्पेंसर जॉनसन और गुरजपनीत सिंह का भी ऐसा ही कुछ हाल रहा. स्पिन विभाग में नूर अहमद के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी दिखाई दी और वह रनों पर लगाम लगाने में भी नाकाम रहे.

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