लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

GST on Petrol-Diesel: पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने की मांग, CTI ने PM मोदी को लिखा पत्र

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

Petrol-Diesel GST: चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच इसे GST के दायरे में लाए जाने की मांग उठाई है. इस विषय पर उन्होंने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है.

उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि पेट्रोल-डीजल को तुरंत जीएसटी के दायरे में शामिल किया जाए. लंबे समय से व्यापारी, फैक्ट्री ओनर और आम आदमी इसकी मांग कर रहे हैं, जिससे उन्हें इस भारी महंगाई से राहत मिल सके. 

पेट्रोल-डीजल पर लग रहे भारी टैक्स

दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है कि अगर हम दिल्ली की बात करें तो  22 मई तक के आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल का वास्तविक मूल्य 66.29 रुपये था, इस पर एक्साइज ड्यूटी 11.90 रुपये और VAT 16.03 रुपये लगता है, जबकि डीलर का मार्जिन 4.42 रुपये था. डीजल का वास्तविक मूल्य 67.36 रुपये, एक्साइज ड्यूटी 7.80 रुपये और VAT 13.39 रुपये था, जबकि डीलर मार्जिन 3.03 रुपये था.

उन्होंने बताया कि आज के समय में पेट्रोल के वास्तविक मूल्य पर एक्साइज ड्यूटी और वैट को मिलाकर लगभग 42% टैक्स लगता है जबकि डीजल पर लगभग 32% टैक्स लगता है. CTI के मुताबिक देश में तेलंगाना में पेट्रोल सबसे महंगा है क्योंकि तेलंगाना में पेट्रोल पर सर्वाधिक वैट 35.2% लगता है जबकि अंडमान निकोबार में पेट्रोल डीजल पर केवल 1% वैट लगने के कारण वहां सबसे सस्ता है.

GST के दायरे में आए पेट्रोल-डीजल

बृजेश गोयल ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि 2017 में जब GST लागू किया गया था, तो वन नेशन वन टैक्स की बात कही गई थी और कहा गया था कि देश में हर चीज पर एक समान टैक्स होगा और एक समान रेट होगा, लेकिन पेट्रोल-डीजल पर सभी राज्य मनमानी करते हुए अपने अपने हिसाब से वैट वसूल रहे हैं. इसके कारण हर राज्य में पेट्रोल-डीजल की दरें अलग-अलग हैं.

इसके कारण वन नेशन वन टैक्स की अवधारणा पर भी कुठाराघात हो रहा है. ऐसे में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और वैट को समाप्त करके GST के दायरे में लाया जाए. इससे ना केवल पूरे देश में पेट्रोल-डीजल की दरें एक समान हो जाएंगी बल्कि पेट्रोल-डीजल के रेट में भी कमी आएगी.

ये भी पढ़ें:

Petrol-Diesel Price Hike: 10 दिनों में तीसरा झटका, फिर बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत; जानें मुंबई से पटना तक के रेट 

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment