रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल स्थित सियोल नेशनल सेमेट्री पहुंचकर देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने विशेष रूप से कोरियाई युद्ध के दौरान जान गंवाने वाले सैनिकों को याद करते हुए राष्ट्रीय स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की और मौन रखकर सम्मान प्रकट किया।

सियोल नेशनल सेमेट्री दक्षिण कोरिया के उन सैनिकों और नागरिकों की स्मृति में बनाया गया है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। यह स्मारक राष्ट्रीय सम्मान, बलिदान और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है।
रक्षा मंत्री की यह यात्रा क्यों है अहम?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की यह यात्रा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही है। वह मंगलवार को दक्षिण कोरिया पहुंचे थे, जहां भारत के राजदूत गौरंगलाल दास और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
राजनाथ सिंह 18 से 21 मई तक दो देशों के दौरे पर हैं। अपने दौरे के पहले चरण में उन्होंने 18 और 19 मई को वियतनाम का दौरा किया, जिसके बाद वह दक्षिण कोरिया पहुंचे। इस बहु-देशीय यात्रा का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना है।
दौरे से पहले रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि उनकी यात्रा का मुख्य फोकस रणनीतिक सैन्य सहयोग को गहरा करना, रक्षा उद्योग साझेदारी को मजबूत बनाना और समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना है, ताकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

