लखनऊ में दो दिन के अमर उजाला संवाद – उत्तर प्रदेश की सोमवार को शुरुआत हुई। पहले दिन 10 से ज्यादा सत्र हुए। इसमें मोटिवेशन से लेकर अनुशासन तक, जुनून से लेकर जिंदगी तक, अनुशासन से लेकर आकांक्षाओं तक, जज्बे से लेकर जीत तक और शक्ति से समृद्धि तक अलग-अलग विषयों पर बात हुई। पढ़ें, संवाद के पहले दिन हिस्सा लेने वाली शख्सियतों की अहम बातें…

‘प्यार से मानेंगे तो ठीक है…’
‘उत्तर प्रदेश: कल, आज और कल’ विषय पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”लोग आज पूछते हैं कि क्या यूपी में सड़कों पर सचमुच नमाज नहीं होती? हम कहते हैं कि कतई नहीं होती। सड़कें चलने के लिए हैं या कोई भी व्यक्ति चौराहे पर आकर तमाशा बना देगा? क्या अधिकार है उसे सड़क रोकने और आवागमन बाधित करने का? लोगों ने कहा- कैसे होगा? हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा- शिफ्ट में कर लो। घर में रहने की जगह नहीं है, तो संख्या नियंत्रित कर लो। आपको सिस्टम के साथ रहना है, तो नियम-कानून को मानना शुरू करें। नमाज पढ़ना जरूरी है, तो शिफ्ट में पढ़ें। हम रोकेंगे नहीं, लेकिन सड़क पर नहीं…। प्यार से मानेंगे तो ठीक बात है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे। हमारा काम है संवाद बनाना। आप संवाद से मानेंगे तो संवाद से, नहीं तो संघर्ष से भी देख लो। बरेली में लोगों ने हाथ आजमाने का काम किया, देख ली ताकत।”
उन्होंने कहा कि अब कोई राह चलते हुए बेटी से छेड़खानी नहीं कर सकता। जबरन उठाने का दुस्साहस नहीं कर सकता। उसे पता है कि जबरन उठाएगा, तो जो दुर्गति रावण और दुर्योधन की हुई थी, यह तय है कि वही दुगर्ति उसकी भी होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें

