अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी और नाइजीरियाई सेनाओं ने मिलकर एक बड़े आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, इस मिशन में ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर अबू-बिलाल अल-मिनुकी को मार गिराया गया. इस बात की जानकारी उन्होंने ट्रुथ सोशल पर दी. ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन बेहद कठिन था. इस पूरी प्लानिंग के साथ ऑपरेट किया गया था. उन्होंने बताया कि अबू-बिलाल अल-मिनुकी अफ्रीका में छिपकर आतंकवादी गतिविधियों को चला रहा था और दुनिया भर में ISIS के ऑपरेशन में उसकी बड़ी भूमिका थी.
राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक, अल-मिनुकी को लगता था कि वह अफ्रीका में छिपकर सुरक्षित रह सकता है, लेकिन अमेरिकी एजेंसियों के पास उसकी गतिविधियों की लगातार जानकारी थी. उन्होंने कहा कि अब वह अफ्रीका के लोगों को डराने या अमेरिकियों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने में शामिल नहीं हो सकेगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई से ISIS के वैश्विक नेटवर्क और उसके ऑपरेशन को बड़ा झटका लगा है. उन्होंने नाइजीरिया सरकार और वहां की सेना का सहयोग के लिए धन्यवाद किया. अपने बयान के अंत में ट्रंप ने गॉड ब्लेस अमेरिका कहते हुए अमेरिकी सेना की सराहना की.

“Tonight, at my direction, brave American forces and the Armed Forces of Nigeria flawlessly executed a meticulously planned and very complex mission to eliminate the most active terrorist in the world from the battlefield. Abu-Bilal al-Minuki, second in command of ISIS…” -… pic.twitter.com/KF8MYet9CB
— The White House (@WhiteHouse) May 16, 2026
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डोनाल्ड ट्रंप का चीन दौरा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 दिन के चीन दौरे पर गए थे. जहां पर उन्होंने कई जरूरी मुद्दों पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात की. ट्रंप का दौरा ऐसे वक्त में हुआ, जब मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ अमेरिका की जंग चल रही है. इस युद्ध को रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर बातचीत भी जारी है. इस बीच चीन की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है ,क्योंकि चीन ईरान का काफी अच्छा दोस्त है. अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान से युद्ध को खत्म करने को लेकर बात करें.
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