सीबीआई ने शुक्रवार को नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। लातूर का रहने वाला पी.वी. कुलकर्णी पुणे में रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) का शिक्षक है। वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल था, जिसके कारण उसकी पहुंच सीधे प्रश्नपत्रों तक थी।
सीबीआई का आरोप है कि आरोपी ने पुणे में विशेष कोचिंग क्लासेस चलाकर छात्रों को लीक हुए सवाल और उनके जवाब बताए थे। मामले की जांच के दौरान एजेंसी ने देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी भी की, जहां से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक इस मामले में सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीबीआई फिलहाल पेपर लीक से जुड़े बड़े नेटवर्क और इसमें शामिल बिचौलियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
मॉक टेस्ट से 42 सवाल परीक्षा में आए
इसी बीच, महाराष्ट्र के लातूर में भी जांच तेज हो गई है। लातूर को कोचिंग हब माना जाता है, जहां राज्यभर से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। यहां एक छात्र के अभिभावक ने शिकायत की थी कि एक निजी कोचिंग संस्थान द्वारा आयोजित मॉक टेस्ट के 42 सवाल नीट परीक्षा में पूछे गए सवालों से मेल खाते थे।
इसके बाद सीबीआई ने लातूर के एक कॉलेज के रिटायर्ड शिक्षक को हिरासत में लिया है। हालांकि, एजेंसी ने अभी उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। इससे पहले लातूर पुलिस कोचिंग स्टाफ, काउंसलर और छात्रों समेत छह लोगों से पूछताछ कर चुकी है।
दोबारा होगी परीक्षा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए ने नीट-यूजी की नई तारीख का एलान कर दिया है। अब यह परीक्षा देशभर में 21 जून को होगी। इससे पहले यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। हालांकि, पेपर लीक की आशंका के चलते यह सवालों के घेरे में आ गई थी। अब इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। परीक्षा की तारीख की घोषणा करते हुए एनटीए ने कहा कि उसने केंद्र सरकार की अनुमति के बाद नीट-यूजी-2026 की पुन: परीक्षा रविवार 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है। परीक्षार्थियों व अभिभावकों से अनुरोध है कि वे केवल एनटीए के आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।
गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 विदेशी केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी थी। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने भी दावा किया था कि परीक्षा से पहले प्रसारित एक “गेस पेपर” के लगभग 120 सवाल वास्तविक परीक्षा में आए थे।


