अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के लिए रवाना हो चुके हैं। रवानगी से पहले व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा कि वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ईरान युद्ध पर लंबी चर्चा करेंगे, लेकिन उन्हें ईरान के मुद्दे पर चीन की सहायता की कोई आवश्यकता नहीं है। ट्रंप ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि अमेरिका इस स्थिति को शांतिपूर्वक या किसी अन्य तरीके से अपने दम पर जीत लेगा। साल 2017 के बाद यह उनकी पहली चीन यात्रा है। यह हाई-प्रोफाइल यात्रा 13 से 15 मई के बीच निर्धारित है।

ट्रंप बोले- यूक्रेन युद्ध जल्द खत्म होगा, समझौता संभव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि यूक्रेन में युद्ध समाप्त होने के बहुत करीब है। उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच एक समझौते की उम्मीद जताई। ट्रंप ने व्हाइट हाउस से चीन यात्रा पर निकलते समय पत्रकारों से यह बात कही। उनके ये बयान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शनिवार को की गई टिप्पणियों से मिलते-जुलते हैं।
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दिग्गज अमेरिकी सीईओ का जत्था रहेगा साथ
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं है। ट्रंप के साथ अमेरिका के बिजनेस और टेक सेक्टर के एक दर्जन से ज्यादा बड़े उद्योगपति भी चीन जा रहे हैं। इस शक्तिशाली प्रतिनिधिमंडल में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के सीईओ शामिल होंगे। निवेश क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी से साफ है कि अमेरिका चीन के साथ आर्थिक रिश्तों को नई दिशा देना चाहता है।
इन खास मुद्दों पर होगी आमने-सामने चर्चा
सूत्रों का कहना है कि ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बातचीत का एजेंडा काफी व्यापक है। इसमें मुख्य रूप से व्यापार, निवेश और टैरिफ जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही टेक्नोलॉजी सहयोग और वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर भी महत्वपूर्ण संवाद हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों महाशक्तियों के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा और व्यापारिक तनाव काफी बढ़ा है। ऐसे में इस बैठक को रिश्तों की बर्फ पिघलाने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
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