महाराष्ट्र के सांगली जिले में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। इसने पूरे इलाके में मातम फैला दिया है। जिले के एक प्रसिद्ध मंदिर परिसर में अचानक एक दीवार और टिन की छतें गिर गईं। इस भयानक हादसे में दर्शन करने आए छह श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना मंगलवार शाम की है जब अचानक मौसम बहुत ज्यादा खराब हो गया और यह जानलेवा हादसा हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है।
पीएम मोदी ने संवेदना प्रकट की
मंदिर में दुर्घटना की सूचना मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स हैंडल पर संवेदना प्रकट की। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक्स हैंडल पर जारी बयान के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र के सांगली में दीवार गिरने से हुई जानमाल की हानि की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’ पीएमओ पर ही जारी एक अन्य संदेश में प्रधानमंत्री ने मराठी भाषा में भी बयान जारी किया।
कहां और कैसे हुआ हादसा?
मंदिर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुई यह दर्दनाक घटना सांगली जिले के जत तहसील में आने वाले मोथेवाड़ी गांव में हुई है। यहां गांव के मशहूर मार्गूदेवी मंदिर में लोग पूजा करने के लिए इकट्ठा हुए थे। मंगलवार शाम को इलाके में अचानक मौसम बदल गया और बहुत तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। बारिश और तूफान से बचने के लिए वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर की एक दीवार और टिन की छतों के नीचे अपना बचाव करने का सहारा लिया। लेकिन, हवा का दबाव इतना ज्यादा था कि दीवार और टिन की छतें अचानक भरभरा कर सीधे श्रद्धालुओं के ऊपर ही गिर पड़ीं, जिससे चीख-पुकार मच गई।
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हादसे के वक्त मंदिर में कितने लोग मौजूद थे?
सांगली जिले के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने इस पूरी घटना की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार का दिन होने के कारण मंदिर में दर्शन करने वालों की भारी भीड़ थी। आम तौर पर इस दिन यहां काफी संख्या में लोग आते हैं। पुलिस के मुताबिक, जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय मंदिर परिसर में करीब 350 श्रद्धालु मौजूद थे। अचानक आए तूफान और भारी बारिश की वजह से इनमें से कई लोग उस कमजोर दीवार और टिन शेड के पास जमा हो गए थे, जो इस दर्दनाक हादसे का मुख्य कारण बना।
दीवार और छत गिरने से कितने लोग घायल हुए हैं?
इस भयानक हादसे में छह लोगों की तो मौके पर ही जान चली गई, लेकिन कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, मलबे और टिन की चादरों के नीचे दबने की वजह से 12 से 14 श्रद्धालु बुरी तरह जख्मी हुए हैं। दीवार और छत अचानक गिरने से लोगों को वहां से भागने या खुद को बचाने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिल पाया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया ताकि मलबे में दबे लोगों को जल्दी से बाहर निकाला जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि अस्पताल में सभी घायलों का इलाज चल रहा है।
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