डच क्रूज जहाज एमवी होंडियस सवार का दो यात्री हंतावायरस पॉजिटिव पाया गया है। यह जानकारी अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग ने दी। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। इसके साथ ही बताया कि एमवी होंडियस पर मौजूद सभी 17 अमेरिकी नागरिकों को विशेष एयरलिफ्ट के जरिए अमेरिका लाया जा रहा है। एहतियातन संक्रमित और संदिग्ध यात्री को विमान के बायोकंटेनमेंट यूनिट में रखा गया है।

यह भी पढ़ें – क्या क्यूबा में कुछ बड़ा करने वाले हैं ट्रंप?: नाकेबंदी के बीच बढ़ाई सैन्य गतिविधियां, जानें रिपोर्ट का दावा
हर यात्री की चिकित्सकीय जांच होगी
तय प्रोटोकॉल के अनुसार, यात्रियों को सबसे पहले नेब्रास्का के ओमाहा स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ नेब्रास्का मेडिकल सेंटर/नेब्रास्का मेडिसिन के रीजनल इमर्जिंग स्पेशल पैथोजन ट्रीटमेंट सेंटर (आरईएसपीटीसी) ले जाया जाएगा। इसके बाद हल्के लक्षण वाले यात्री को उसके अंतिम गंतव्य के दूसरे आरईएसपीटीसी में स्थानांतरित किया जाएगा। विभाग के मुताबिक हर यात्री के पहुंचने पर उसकी चिकित्सकीय जांच होगी। वहीं, स्थिति अनुसार उचित इलाज और सहायता प्रदान की जाएगी। शनिवार तक इस प्रकोप से जुड़े आठ संदिग्ध मामले और तीन मौतें सामने आ चुकी थीं।
दुर्लभ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के मुताबिक, हंतावायरस का ऊष्मायन काल यानी संक्रमण से लक्षण दिखने तक का समय एक से आठ हफ्ते तक हो सकता है। यह वायरस आमतौर पर रोडेंट्स (चूहों आदि) से फैलता है। दुर्लभ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। संक्रमितों में मृत्यु दर एक-तिहाई से अधिक बताई जाती है। उधर, ब्रिटेन में भी एमवी होंडियस से निकाले गए 20 ब्रिटिश नागरिकों को रविवार को उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के एक अस्पताल में आइसोलेट किया गया। ये यात्री मैनचेस्टर पहुंचने के बाद बस से मर्सीसाइड के विराल स्थित एरो पार्क अस्पताल ले जाए गए, जहां उन्हें 72 घंटे तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा।
यह भी पढ़ें – Thailand: पूर्व पीएम थाकसिन शिनावात्रा आठ महीने बाद जेल से रिहा, भ्रष्टाचार के मामले में ठहराए गए थे दोषी
कितने दिनों तक आइसोलेट रहना होगा?
स्थानीय नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) अधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों को ‘क्लीनिकल मूल्यांकन और परीक्षण’ के लिए नियंत्रित वातावरण में रखा जाएगा। यदि उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं, तो घर लौटने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन उन्हें अतिरिक्त 42 दिनों तक स्वयं को आइसोलेट रखना होगा।
हंतावायरस प्रकोप से बचने के लिए क्या कदम उठाया?
यह आपात कदम एमवी होंडियस से जुड़े हंतावायरस प्रकोप के बाद उठाए गए हैं। इस बीच, ब्रिटेन सरकार ने दक्षिण अटलांटिक स्थित अपने दूरस्थ विदेशी क्षेत्र ट्रिस्टन दा कुन्हा में भी एक विशेष सैन्य और चिकित्सकीय दल भेजा है, जहां एक ब्रिटिश नागरिक में हंतावायरस की पुष्टि हुई है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बताया कि, 16 एयर असॉल्ट ब्रिगेड के छह पैराट्रूपर्स और दो सैन्य चिकित्सकों को पैराशूट की मदद से द्वीप पर उतारा गया। साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर और चिकित्सा उपकरण भी हवाई मार्ग से पहुंचाए गए।
221 लोगों की आबादी वाला ट्रिस्टन दा कुन्हा ज्वालामुखीय द्वीप समूह ब्रिटेन का सबसे दूरस्थ आबाद विदेशी क्षेत्र माना जाता है। वहां कोई हवाई पट्टी नहीं है और सामान्यतः केवल समुद्री मार्ग से ही पहुंचा जा सकता है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऐसा पहली बार है जब ब्रिटिश सेना ने मानवीय सहायता के लिए पैराशूट के जरिए चिकित्सा कर्मियों को उतरवाया। इसके साथ ही ब्रिटिश सरकार ने कहा कि आम जनता के लिए इस वायरस का खतरा बहुत कम है।

