सीहोर जिले के दोराहा थाने में तैनात आरक्षक जितेंद्र वर्मा जिसका काम दूसरों की जान बचाना था, उसी ने रविवार की सुबह खुद अपनी जिंदगी का दरवाजा हमेशा के लिए बंद कर लिया। किराए के कमरे में अकेले रहने वाले इस सिपाही ने फांसी का ऐसा खौफनाक रास्ता चुना, जो सुनकर रूह कांप जाए। घटना का खुलासा तब हुआ जब रविवार सुबह वे घर से बाहर नहीं निकले और पड़ोसियों ने झांककर देखा तो नजारा देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। जितेंद्र फंदे पर लटके हुए थे।
मामला सिर्फ फांसी का नहीं, बल्कि मौत की तैयारी का तरीका और भी दिल दहला देने वाला है। जांच में सामने आया कि जितेंद्र ने कमरे में रखी गैस की टंकी को मौत का जरिया बनाया। पहले वे टंकी पर खड़े हुए, गले में फंदा कसा और फिर पैरों से टंकी को धकेलकर नीचे गिरा दिया। पलभर में दम घुटा और एक सरकारी मुलाजिम की जिंदगी खत्म हो गई। इस पूरी घटना से साफ है कि जितेंद्र ने यह कदम पूरी तैयारी और दृढ़ निश्चय के साथ उठाया था।
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सुसाइड नोट ने खोला राज, पैसों का खेल या कुछ और?
घटनास्थल की बारीक तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। सूत्रों के मुताबिक इस नोट में पैसों के लेन-देन का जिक्र है, जो इस पूरे मामले को एक नया और संदिग्ध मोड़ देता है। सवाल उठता है कि क्या एक सरकारी नौकर पर इतना कर्ज या आर्थिक दबाव था कि उसे जिंदगी से हाथ धोना पड़ा? या फिर किसी ने जानबूझकर उसे इस कगार तक पहुंचाया? हालांकि पुलिस ने अभी सुसाइड नोट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि नोट को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा।
कॉल रिकॉर्ड खंगालेगी पुलिस, दबाव का शक
पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जांच सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं रहेगी। जितेंद्र के मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिरी दिनों में वे किन लोगों के संपर्क में थे। क्या किसी ने उन पर दबाव बनाया? क्या कोई धमकी थी? इन सभी सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुट गई है। एसडीओपी पूजा शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में व्यक्तिगत कारणों से यह कदम उठाने की आशंका है, लेकिन हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
निपानिया गांव में पसरा मातम, बच्चे हुए अनाथ
मूल रूप से मंडी थाने के नजदीकी गांव निपानिया के रहने वाले जितेंद्र वर्मा के परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। जब गांव में मौत की खबर पहुंची तो कोहराम मच गया। जो हाथ परिवार का सहारा था, वही हाथ आज हमेशा के लिए थम गया। दो मासूम बच्चों का भविष्य अंधेरे में डूब गया और एक मां-बाप की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
पोस्टमार्टम हुआ, मर्ग कायम
दोराहा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले का जायजा लिया। पुलिस महकमे में इस खबर के फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई। एक साथी की मौत ने सबको हिलाकर रख दिया।

