दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर भी अब स्टेशनों के नाम ब्रांड के नाम पर रखे जाएंगे। एनसीआरटीसी ने 21 स्टेशनों के लिए सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे कंपनियों को बड़ा प्रचार मिलेगा और एनसीआरटीसी को लाखों की कमाई होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने नमो भारत कॉरिडोर के 21 स्टेशनों के लिए सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग अधिकार देने के लिए निविदाएं जारी की हैं। इस योजना के तहत कंपनियां स्टेशन के नाम के साथ अपना ब्रांड जोड़ सकेंगी, जिससे स्टेशन की पहचान के साथ उनका नाम लंबे समय तक जुड़ा रहेगा। ये पहल इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि नमो भारत कॉरिडोर पर अब तक 3 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं।
ऐसे में कंपनियों को एक साथ लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंच बनाने का मौका मिलेगा। निविदा के मुताबिक, लाइसेंस की अवधि शुरुआती तौर पर 10 साल होगी, जिसे आपसी सहमति से 5 साल और बढ़ाया जा सकता है। यानी ब्रांड लंबे समय तक स्टेशन से जुड़ा रह सकता है।
कंपनी और निगम दोनों के हित जुड़े हुए
इस योजना में कंपनियों को सिर्फ नाम जोड़ने का ही नहीं, बल्कि स्टेशन के हर हिस्से में ब्रांडिंग का मौका मिलेगा। इसमें कॉनकोर्स, प्लेटफॉर्म, एंट्री-एग्जिट गेट, बाहरी पिलर (पियर्स) तक शामिल हैं। इससे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों के साथ सड़क से गुजरने वाले लोगों तक भी ब्रांड की पहुंच बनेगी। ट्रेनों में होने वाली अनाउंसमेंट में भी को-ब्रांडेड स्टेशन का नाम लिया जाएगा।
स्टेशनों के मैप पर ब्रांड का लोगो दिखेगा और कंपनियों को कियोस्क लगाने की सुविधा भी दी जाएगी। इससे कंपनियां सीधे ग्राहकों से जुड़ सकेंगी। जिन 21 स्टेशनों के लिए यह मौका दिया जा रहा है, उनमें सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, दुहाई, मुरादनगर, मोदी नगर साउथ और नॉर्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, डौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम शामिल हैं।
एनसीआरटीसी का कहना है कि ये सभी स्टेशन घनी आबादी वाले इलाकों, बाजारों और शैक्षणिक संस्थानों के पास हैं, जिससे ब्रांड को ज्यादा एक्सपोजर मिलेगा। एनसीआरटीसी का मानना है कि इस पहल से जहां कंपनियों को बड़ा मार्केट मिलेगा, वहीं उसे भी अच्छी आय होगी, जिससे आगे के प्रोजेक्ट्स को मजबूती मिलेगी।
किस स्टेशन के लिए कितनी सिक्योरिटी जमा करनी होगी
- स्टेशन-सिक्योरिटी राशि (रुपये में)
- सराय काले खां 9,80,000
- न्यू अशोक नगर 6,10,000
- आनंद विहार 8,60,000
- साहिबाबाद 3,10,000
- गाजियाबाद 7,40,000
- दुहाई 3,10,000
- मुरादनगर 3,10,000
- मोदीनगर साउथ 3,10,000
- मोदीनगर नॉर्थ 3,10,000
- मेरठ साउथ 3,70,000
- परतापुर 3,10,000
- रिठानी 3,10,000
- शताब्दी नगर 5,80,000
- ब्रह्मपुरी 3,10,000
- मेरठ सेंट्रल 3,10,000
- भैसाली 3,10,000
- बेगमपुल 5,80,000
- एमईएस कॉलोनी 3,10,000
- डौरली 3,10,000
- मेरठ नॉर्थ 3,10,000
- मोदीपुरम 5,50,000


