कनाडा की खुफिया एजेंसी ने खालिस्तानी उग्रवादियों को देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा में सक्रिय ऐसे उग्रवादी समूह संस्थानों का इस्तेमाल कर अपनी हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं और इसके लिए धन भी जुटाते हैं। बीते शुक्रवार को कनाडा सरकार की वेबसाइट पर जारी सीएसआईएस की वर्ष 2025 की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

चंदे का इस्तेमाल हिंसक गतिविधियों में करने का आरोप
कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस ने अपनी 2025 की सार्वजनिक रिपोर्ट में बताया कि कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी उग्रवादियों की गतिविधियां लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा-आधारित खालिस्तानी चरमपंथियों की हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता न केवल देश की सुरक्षा बल्कि कनाडा के हितों के लिए भी खतरा पैदा कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, ये तत्व कनाडाई नागरिकों के साथ जुड़े होते हैं और देश के संस्थानों का उपयोग करके अपने हिंसक एजेंडे को आगे बढ़ाते हैं। साथ ही, ये लोग समुदाय के लोगों से धन एकत्र करते हैं, जिसे बाद में हिंसक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि खालिस्तानी उग्रवादी ऐसे समूह हैं, जो भारत के भीतर एक अलग संप्रभु राज्य बनाने की मांग करते हैं। भारत सरकार ने इन संगठनों को अलगाववादी गतिविधियों में शामिल होने के कारण आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, केवल एक छोटा समूह ही ऐसा है जो कनाडा को आधार बनाकर हिंसा को बढ़ावा देता है, उसके लिए धन जुटाता है या फिर भारत में हिंसक गतिविधियों की योजना बनाता है। ऐसे लोगों को ही खालिस्तानी उग्रवादी की श्रेणी में रखा गया है।
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त्रूदो के समय बिगड़े थे रिश्ते
भारत और कनाडा के संबंधों के संदर्भ में भी इस रिपोर्ट को अहम माना जा रहा है। वर्ष 2023 में उस समय दोनों देशों के रिश्तों में भारी गिरावट आई थी, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन त्रूदो ने कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संभावित भूमिका का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। इसके बाद, पिछले वर्ष पदभार संभालने वाले प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की दिशा में प्रयास शुरू किए हैं। रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब दोनों देश रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं।
