लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

देशभक्ति का समाजशास्त्र या राजनीति?:वडोदरा यूनिवर्सिटी सिलेबस में मोदी तत्व पर बवाल, कांग्रेस ने उठाए सवाल – Controversy Over Inclusion Of Modi Tattva In Maharaja Sayajirao University Syllabus Sparks Political Row

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

गुजरात की प्रतिष्ठित महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी, वडोदरा में नए सिलेबस को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यूनिवर्सिटी के समाजशास्त्र विभाग में शुरू किए गए नए कोर्स सॉशियोलॉजी ऑफ पैट्रियोटिज्म (देशभक्ति का समाजशास्त्र) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, आरएसएस की विचारधारा और महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ के सुधारों का अध्ययन शामिल किया गया है।

कांग्रेस ने साधा निशाना

इस फैसले पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे संगठन के विचारों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है, जिनका देश की आजादी के संघर्ष में कोई योगदान नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित संगठन ने स्वतंत्रता आंदोलन में कोई बलिदान नहीं दिया और न ही उस समय किसी महत्वपूर्ण भूमिका में रहा।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों ने प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल को देखा है, जिसमें महंगाई बढ़ी है, बेरोजगारी में इजाफा हुआ है और भ्रष्टाचार की समस्या भी गंभीर हुई है। उनके अनुसार, आज देश के लगभग हर क्षेत्र में गिरावट देखने को मिल रही है।

सॉशियोलॉजी ऑफ पैट्रियोटिज्म पर बढ़ी चर्चा

वहीं, महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह एक नया और आधुनिक दृष्टिकोण वाला कोर्स है। उन्होंने बताया कि विभाग में तीन नए कोर्स जोड़े गए हैं, जिनमें सॉशियोलॉजी ऑफ पैट्रियोटिज्म सबसे ज्यादा चर्चा में है। डॉ. सिंह के अनुसार, नीति आयोग और अन्य संस्थानों में हुए अध्ययन के दौरान विभिन्न सामाजिक और वैचारिक पहलुओं पर चर्चा हुई, जिसके बाद इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करने का विचार आया। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस की संरचना और कार्यप्रणाली के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए यह अध्ययन उपयोगी होगा।

ये भी पढ़ें:- MSU ने शुरू किया नया कोर्स: अब मोदी तत्व और RSS का इतिहास पढ़ेंगे छात्र, मैक्स वेबर के सिद्धांत से होगी तुलना

नीतिगत निर्णयों का विश्लेषण

इस पाठ्यक्रम में नोटबंदी, डिजिटल क्रांति, फास्टैग और जल शक्ति मंत्रालय जैसी नीतियों का भी अध्ययन किया जाएगा। वीरेंद्र सिंह का मानना है कि ये नीतियां दर्शाती हैं कि प्रधानमंत्री जनता की जरूरतों को कितनी गहराई से समझते हैं। आरएसएस को पाठ्यक्रम में शामिल करने के पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि जब छात्र नीति आयोग के प्रोजेक्ट के लिए सुदूर गांवों में सर्वेक्षण कर रहे थे, तो उन्होंने देखा कि आरएसएस से जुड़े लोग वहां योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी कारण समूह के सामाजिक प्रभाव की वैज्ञानिक जांच को जरूरी समझा गया। 

अन्य वीडियो:-

 



Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

विश्वकप लिए क्या है भारत का प्लान?:नीतीश को मिलेंगे मौके, कृष्णा-गुरनूर पर भी रहेगी नजर; मोर्केल ने खोला राज – Morne Morkel Wants India To Manage Nitish Kumar Reddy Carefully, Groom Him As An All-rounder

Railways:सर्दियों में ट्रेन से सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर, 13 ट्रेनें रहेंगी प्रभावित; देखें पूरी लिस्ट – Railways: Important News For Winter Travellers, 13 Trains To Be Affected; Check Full List

सुजुकी की भारत में उत्पादन क्षमता Fy30 तक 40 लाख वाहन करने की योजना:कारखाना उत्पादकता 50% बढ़ाने का लक्ष्य – Suzuki Motor Plans To Raise India Production Capacity To 4 Million Vehicles By Fy30 Boost Factory Productivity

भाजपा नेता के बेटे और बीवी की मौत:ग्रेनो बस हादसे में जल गए जिंदा, चल नहीं पाती थी मां; छोड़कर नहीं भागा बेटा – Bjp Treasurer Neeraj Gupta Wife And Son Die In Greater Noida Bus Fire

लालबागचा राजा:शाहरुख-रणवीर से अनन्या तक, इस साल मुंबई के राजा के दर्शन करने पहुंचे ये सितारे; देखें तस्वीरें – Lalbaugcha Raja 2026 Shah Rukh Khan Ranveer Singh Ananya Panday And More Celebs Seek Bappa Blessings

सीलिंग का खौफ:सुप्रीम कोर्ट सख्त, न्यायिक आयोग गठित, मेडा की भूमिका-उल्देपुर समेत अन्य कॉलोनियों की होगी जांच – Supreme Court Orders Judicial Commission To Probe Illegal Colonies In Meerut, Directs Demolition In Uldepur

Leave a Comment