
अमेरिका ने शुक्रवार को चीन स्थित एक कच्चे तेल टर्मिनल संचालक पर ईरानी कंपनियों से पेट्रोलियम उत्पाद आयात करने पर बैन लगा दिया और अन्य कंपनियों को भी चेतावनी दी कि अगर वे होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने के लिए तेहरान को टैक्स देती हैं तो उन्हें भी इसी तरह के परिणाम भुगतने होंगे.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने एक बयान में कहा, ‘अमेरिका ईरान के अवैध तेल व्यापार को बाधित करने के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहा है, जो ईरानी शासन की आय का मुख्य स्रोत है और आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता को वित्त पोषित करता है.’
टॉमी पिगोट ने क्या कहा?
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पिगोट ने कहा कि विभाग ने ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार में शामिल कई संस्थाओं, एक व्यक्ति और एक पोत पर बैन लगा दिया है. यह कार्रवाई चीन स्थित पेट्रोलियम टर्मिनल संचालक किंगदाओ हैये पर की गई है. इस कंपनी ने पिछले साल फरवरी से प्रतिबंधित ईरानी कच्चे तेल के करोड़ों बैरल आयात किए हैं.
ये भी पढ़ें- अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म? ट्रंप ने US सांसदों को लिखी चिट्ठी, डील के बारे में क्या बताया?

किन-किन पर लगाया बैन?
अमेरिका ने किंगदाओ हैये के अध्यक्ष, चीनी नागरिक शिंगचुन ली और 2 पोत प्रबंधन कंपनियों ब्रिटेन स्थित थ्राइविंग टाइम्स इंटरनेशनल और हांगकांग स्थित ऑनबोर्ड शिप मैनेजमेंट लिमिटेड पर भी बैन लगाया है. दो पोत प्रबंधन कंपनियों के खिलाफ यह कार्रवाई ईरानी पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन और खरीद के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अवैध बेड़ों को निशाना बनाने के उपायों के तहत की गई है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, ‘इन कंपनियों के प्रबंधित किए गए पोत ईरानी निर्यात आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वे नियमित रूप से अवैध गतिविधियों और अन्य भ्रामक जहाजरानी प्रथाओं में भी शामिल रहे हैं, जिससे अन्य पोतों और व्यापार प्रवाह को खतरा पैदा होता है.’
समुद्री उद्योग को भी चेतावनी
अमेरिकी वित्त विभाग ने समुद्री उद्योग को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग के लिए ईरानी शासन को टोल का भुगतान करने पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा अमेरिकी वित्त विभाग ने तीन ईरानी विदेशी मुद्रा विनिमय कंपनियों और उनसे जुड़ी फर्जी कंपनियों को भी नामित किया है, जो हर साल अरबों डॉलर के विदेशी मुद्रा लेनदेन में मदद करती हैं.
वित्त विभाग ने बताया कि नामित संस्थाओं के नाम पेद्राम पिरोज़ान एंड एसोसिएट्स पार्टनरशिप कंपनी (ओपल एक्सचेंज), नासिर गसेमी राड एंड एसोसिएट्स पार्टनरशिप कंपनी (रादिन एक्सचेंज) और तहय्योरी एंड एसोसिएट्स पार्टनरशिप कंपनी है.
ये भी पढ़ें