ईरान की जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की तबीयत अचानक बहुत बिगड़ गई है। इसके बाद उन्हें तुरंत उत्तर-पश्चिमी ईरान के ज़ंजन शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह जानकारी उनके फाउंडेशन ने दी।
ईरान की जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई। इसके चलते उन्हें आनन-फानन में उत्तर-पश्चिमी ईरान के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह जानकारी उनके फाउंडेशन ने शुक्रवार को दी।
नरगिस मोहम्मदी फाउंडेशन के अनुसार, नोबेल पुरस्कार विजेता को दो बार बेहोशी और दिल से जुड़ी एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। फाउंडेशन ने बताया कि मोहम्मदी शुक्रवार को जंजन शहर की जेल में दो बार बेहोश हो गईं थीं। उनके वकीलों ने मार्च के अंत में उनसे मुलाकात के बाद बताया था कि उन्हें संभवतः दिल का दौरा पड़ा था। उस समय वह कमजोर दिख रही थीं और चलने के लिए नर्स की मदद की ले रही थी।
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इलाज में लापरवाही का आरोप
फाउंडेशन ने कहा कि मोहम्मदी की 12 दिसंबर को गिरफ्तारी के बाद से 140 दिनों तक उन्हें सही इलाज नहीं दिया गया। फाउंडेशन के अनुसार, जेल के डॉक्टरों ने पहले ही सलाह दी थी कि नरगिस का इलाज जेल में नहीं किया जा सकता है। डॉक्टरों ने उनका इलाज तेहरान में विशेषज्ञ टीम से करवाने को कहा था।
परिवार कई बार कर चुका था अच्छे इलाज की मांग
मोहम्मदी के परिवार ने हफ्तों से उन्हें अच्छा इलाज देने के लिए अस्पताल भेजने की वकालत की थी। फाउंडेशन ने परिवार के हवाले से कहा कि शुक्रवार को जंजन के एक अस्पताल में उनको भर्ती कराया जाना बहुत देरी से लिया गया फैसला और आखिरी समय में उठाया गया कदम लग रहा है।
पहले भी बिगड़ चुकी थी तबीयत
24 मार्च को मोहम्मदी के साथी कैदियों ने उन्हें बेहोश पाया था। उन्होंने अपने वकीलों से कुछ दिनों बाद हुई मुलाकात में ये बताया था। जेल के क्लिनिक में बाद की जांच में एक डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें शायद दिल का दौरा पड़ा था। तब से उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी।
अस्पताल में भर्ती कराने से जेल प्रशासन ने किया था इनकार
फ्रांस में उनके कानूनी प्रतिनिधि ने उस समय कहा था कि मोहम्मदी को अस्पताल में भर्ती कराने और अपने हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलने से मना कर दिया गया था। मोहम्मदी के वकीलों के साथ संक्षिप्त मुलाकात के दौरान एक जेल अधिकारी मौजूद था।
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नोबेल पुरस्कार विजेता की सजा सात साल बढ़ाई
53 वर्षीय मोहम्मदी, जो जेल में रहते हुए 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार की विजेता बनीं, दिसंबर में पूर्वी ईरानी शहर मशहद की यात्रा के दौरान गिरफ्तार हुई थीं। उन्हें सात साल की अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई गई थी। 12 दिसंबर को गिरफ्तारी से पहले मोहम्मदी पहले से ही राज्य सुरक्षा के खिलाफ साजिश और ईरान सरकार के खिलाफ प्रचार के आरोपों में 13 साल और नौ महीने की सजा काट रही थीं। हालांकि, चिकित्सा चिंताओं के कारण उन्हें 2024 के अंत से पैरोल पर रिहा किया गया था।
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