
- कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमत 993 रुपये तक बढ़ी.
- ईरान-अमेरिका तनाव से वैश्विक ऊर्जा कीमतें बढ़ीं.
- तेल कंपनियों को एलपीजी पर भारी नुकसान हो रहा है.
- घरेलू सिलेंडरों के दाम स्थिर, जनता को राहत.
OMCs loss on LPG: कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमतें आज 993 रुपये तक बढ़ा दी गई हैं. ईरान और अमेरिका में जंग के बीच दुनिया भर में एनर्जी की कीमतें बढ़ने से शुक्रवार सुबह कमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद गुड़गांव में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलिंडर की कीमत अब 3,088 रुपये हो गई है, जो पहले 2,095 रुपये थी.
दिल्ली में इसकी कीमत 3,071.50 रुपये है। घरेलू LPG की कीमतें पहले जैसी ही हैं. इसमें इस साल मार्च में सिर्फ एक बार 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. देश की आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रखे गए हैं. तेल कंपनियां इनपुट कॉस्ट को खुद ही वहन कर रही हैं, जिससे इन्हें तगड़ा घाटा हो रहा है.
कंपनियों को 40000 से कई ज्यादा नुकसान
एक अनुमान के मुताबिक, मई के आखिर तक सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को लगभग 40,484 करोड़ रुपये का नुकसान होने की उम्मीद है. यह नुकसान LPG सिलेंडरों पर होने वाली ‘अंडर-रिकवरी’ (लागत से कम वसूली) के कारण होगा क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें ऊंची हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, तेल कंपनियों को 14.2 किलोग्राम वाले एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर लगभग 380 रुपये का घाटा हो रहा है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा, “पिछले साल भी कुल 60,000 करोड़ रुपये के नुकसान में से 30,000 करोड़ रुपये का बोझ सरकारी तेल कंपनियों (PSUs) ने उठाया था और 30,000 करोड़ रुपये का बोझ भारत सरकार ने उठाया था ताकि भारतीय नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में LPG की ऊंची कीमतों के असर से बचाया जा सके.”
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कमर्शियल सिलेंडर की क्यों बढ़ाई गई कीमत?
भारतीय सरकारी रिफाइनर कंपनियों ने 1 अप्रैल से तत्काल प्रभाव से कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की थी. तब से यह क्रम लगातार जारी है. सरकार ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडरों की कीमत में यह बढ़ोतरी ‘सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस’ में 44 परसेंट का उछाल आने के कारण हुई है.
सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस भारतीय कीमतों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क है, जो मार्च के 542 डॉलर प्रति मीट्रिक टन (MT) से बढ़कर अप्रैल में 780 डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गया है. वैश्विक स्तर पर LPG की कीमतों में बढ़ोतरी इसलिए हुई है क्योंकि इस क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक LPG आपूर्ति का 20-30 परसेंट हिस्सा Strait of Hormuz में फंसा हुआ है.
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