श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी से जुड़े कथित मारपीट मामले में गिरफ्तार तीनों अधिकारियों को शुक्रवार को जमानत मिल गई। इसके बाद मामला और अधिक गरमा गया है। जमानत के फैसले के तुरंत बाद राजस्थान के इंजीनियरों ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार तथा उग्र आंदोलन की चेतावनी दे दी।
कोर्ट परिसर में भावुक दृश्य
आरयूआईडीपी के एईएन जगनलाल बैरवा, एलएंडटी के मैनेजर शहनवाज हसन और इंजीनियर सोहम परमार को दोपहर 12:30 बजे एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान एडीएम कोर्ट में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब जगनलाल बैरवा की बेटी अपने पिता के गले लगकर फूट-फूट कर रो पड़ी। उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद थीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गंभीर आरोप
जमानत मिलने के तुरंत बाद जगनलाल बैरवा ने जिला परिषद में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर विधायक जयदीप बिहाणी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ सुनियोजित तरीके से मारपीट की गई और घटना को उलटने की कोशिश भी की गई।
‘थप्पड़ मारे, पाइप से पीटा’
जगनलाल बैरवा के अनुसार, गुरुवार सुबह उन्हें एक्सईएन मोनिंद्रजीत सिंह और एईएन कृष्ण धारीवाल ने एसडी बिहाणी कॉलेज स्थित विधायक सेवा केंद्र में बुलाया था। विधायक के फोन से उन्हें जल्दी पहुंचने के लिए कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे ही वे अपने साथियों के साथ पहुंचे, विधायक ने उन्हें थप्पड़ मारना शुरू कर दिया और जातिसूचक गालियां दीं। बैरवा का कहना है कि विधायक के समर्थकों ने उन्हें जमीन पर गिराकर लात-मुक्कों और पाइप से पीटा, जबकि विधायक खुद भी लात मारते रहे।
चोटों का दावा और न्याय की मांग
बैरवा ने आरोप लगाया कि उनकी शर्ट फाड़ दी गई और बाद में नई शर्ट पहनाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया, ताकि मामला उल्टा न लगे। उन्होंने अपनी आंख, पेट, कमर और बाएं पैर के अंगूठे पर चोट के निशान दिखाते हुए कहा कि उन्हें एक आंख से ठीक से दिखाई नहीं दे रहा और पैर का अंगूठा टूट गया है। उन्होंने विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
इंजीनियरों की चेतावनी, आंदोलन की तैयारी
राजस्थान कौंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स ने घटना की कड़ी निंदा की है। प्रदेश अध्यक्ष बलराम जाखड़ ने कहा कि अधिकारियों को मीटिंग के नाम पर बुलाकर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया और मोबाइल जब्त कर लिए गए ताकि घटना रिकॉर्ड न हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सियासी बयानबाजी तेज, भाजपा की चुप्पी
मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया के जरिए हमला बोला है। वहीं, भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


