देश में थर्ड जेंडर के मतदाताओं की भागीदारी को लेकर उत्साहजनक तस्वीर सामने आई है। चुनाव आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में थर्ड जेंडर के मतदाताओं ने रिकॉर्ड 91.28 प्रतिशत मतदान किया। पहले चरण में यह आंकड़ा 56.79 प्रतिशत था, जो दूसरे चरण में तेजी से बढ़ा।

पुदुचेरी में सबसे अधिक थर्ड जेंडर मतदाताओं ने किया मतदान
पश्चिम बंगाल में कुल 1,257 थर्ड जेंडर के मतदाताओं ने दो चरणों में वोट डाला, जिनमें 465 मतदाता पहले चरण और 792 दूसरे चरण में शामिल रहे। वहीं, हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में पुदुचेरी ने थर्ड जेंडर के मतदाताओं के बीच सबसे अधिक 91.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया। यहां कुल 139 मतदाता इस श्रेणी में पंजीकृत थे। तमिलनाडु में 7,728 तीसरे लिंग के मतदाताओं में से 60.49 प्रतिशत ने 23 अप्रैल को मतदान किया। केरल में 277 मतदाताओं में से 57.04 प्रतिशत और असम में 343 मतदाताओं में से 36.84 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
इन राज्यों में चुनाव की तारीखें अलग-अलग रहीं, तमिलनाडु में 23 अप्रैल को, जबकि केरल, असम और पुदुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान हुआ। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग कराई गई। सभी राज्यों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
लोकसभा चुनावों की तुलना से क्या बदला?
अगर पिछले लोकसभा चुनावों से तुलना करें तो तस्वीर मिश्रित है। 2024 के लोकसभा चुनाव में थर्ड जेंडर के मतदाताओं का पंजीकरण तो बढ़कर 48,194 हो गया, जो 2019 के 39,075 के मुकाबले 23.5 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, मतदान प्रतिशत केवल 27 प्रतिशत ही रहा यानि 13,058 लोगों ने ही वोट डाला।
किनके प्रयासों के बाद मिली यह सुविधा?
गौरतलब है कि पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला के प्रयासों के बाद ही थर्ड जेंडर के लोगों को अन्य या ‘O’ श्रेणी में मतदाता के रूप में पंजीकरण की सुविधा मिली। अब चुनाव आयोग मतदाताओं को ‘पुरुष’, ‘महिला’ और ‘अन्य’ (थर्ड जेंडर) के रूप में वर्गीकृत करता है।