अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के बड़े नामों में शामिल मोहम्मद सलीम डोला को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार वह तुर्किये में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। अधिकारियों के मुताबिक सलीम डोला तुर्किये में खुद को ‘हमजा’ नाम से पेश कर रहा था और वहां एक बुल्गारियाई पासपोर्ट के आधार पर रह रहा था। हालांकि अब यह जांच की जा रही है कि यह पासपोर्ट असली था या फर्जी। ड्रग तस्करी के मामले में वांछित अंतरराष्ट्रीय अपराधी मोहम्मद सलीम डोला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसियों ने उसे भारत लाकर अदालत में पेश किया है। फिलहाल उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
बता दें कि सलीम डोला को हाल ही में तुर्किये के इस्तांबुल में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था, जो भारत की एजेंसियों के अनुरोध पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने जारी करवाया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, डोला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका कारोबार लगभग 5000 करोड़ रुपये तक फैला हुआ था। यह नेटवर्क नशे के पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था।
एनसीबी की सख्त कार्रवाई
इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर मार्च 2024 में सलीम डोला की गिरफ्तारी की गई थी। यह कार्रवाई भारत की मांग पर की गई, क्योंकि वह देश में कई गंभीर ड्रग तस्करी मामलों में वांछित था। भारत लाए जाने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उसे मुंबई की अदालत में पेश किया, जहां से उसे 8 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क से जुड़ाव
जांच एजेंसियों के अनुसार, सलीम डोला को हाल ही में तुर्किये के इस्तांबुल में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था, जिसे भारत के अनुरोध पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने जारी करवाया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डोला एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका कारोबार लगभग 5000 करोड़ रुपये तक फैला हुआ था और यह नेटवर्क नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा हुआ था। एजेंसियों के मुताबिक, सलीम डोला का नाम 2023 में मुंबई के दक्षिणी हिस्से में पकड़े गए मेफेड्रोन ड्रग मामले से भी जुड़ा हुआ है। उस केस में उसे मुख्य सप्लायर के तौर पर चिन्हित किया गया है।
पिछले कुछ महीनों की कार्रवाई में टूटी कमर
पिछले कुछ महीनों में इस नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई हो रही है। जून 2025 में उसके बेटे ताहिर डोला को भी संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया था। इसके अलावा उसके एक और सहयोगी को भी दुबई से प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार किया गया था। एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए कमाए गए पैसों का इस्तेमाल देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में किया जाता था। इसलिए इसे आतंकवाद से भी जुड़ा हुआ एक वित्तीय नेटवर्क माना जा रहा है।


