राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव को कम करने के लिए अब पाकिस्तान में एक और अहम बैठक होने जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन अपने दो खास और वरिष्ठ दूतों को शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान भेज रहा है।

ट्रंप ने अपने वरिष्ठ दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को इस्लामाबाद भेजने का फैसला किया है। ये दोनों नेता इस हफ्ते के अंत में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ पाकिस्तान में बातचीत करेंगे। हालांकि, ईरान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह पक्का नहीं किया है कि वह अमेरिकी टीम से मिलेगा या नहीं।
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क्या इस बातचीत में अमेरिका के उपराष्ट्रपति भी शामिल होंगे?
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस अहम बैठक की शुरुआत में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान नहीं जा रहे हैं। उनका अभी इस्लामाबाद जाने का कोई पक्का कार्यक्रम नहीं है। लेकिन, अधिकारियों का कहना है कि वेंस पूरी तरह से स्टैंडबाय (तैयार) रहेंगे। इसका सीधा सा मतलब यह है कि अगर विटकॉफ और कुशनर की ईरान के विदेश मंत्री के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ती है और कोई सकारात्मक नतीजा निकलता है, तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस तुरंत पाकिस्तान के लिए उड़ान भर सकते हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का क्या प्लान?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को ही यह जानकारी दी है कि वह तीन देशों के दौरे पर जा रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अराघची ने बताया कि वह पाकिस्तान (इस्लामाबाद), ओमान (मस्कट) और रूस (मॉस्को) की यात्रा करेंगे। इस दौरे का मुख्य मकसद अपने पड़ोसी और साझेदार देशों के साथ क्षेत्र के हालात पर चर्चा करना है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, इस दौरे में अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध की ताजा स्थिति पर भी खास बातचीत होगी।
युद्ध खत्म करने को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिका और ईरान के बीच सुरक्षा के हालात लगातार बदल रहे हैं। इसी बीच, ट्रंप ने गुरुवार को ईरान युद्ध को सुलझाने के लिए कोई भी समयसीमा बताने से साफ इनकार कर दिया। सीएनएन के मुताबिक, ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें जल्दबाजी करने के लिए मजबूर न किया जाए। ट्रंप का कहना है कि ईरान में स्पष्ट नेतृत्व की कमी के कारण बातचीत रुकी हुई है। इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने सीजफायर को आगे बढ़ाने का एलान किया था।
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