नेपाल से बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और जाने-माने कारोबारी विक्रम पांडेय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी यह गिरफ्तारी सार्वजनिक खरीद प्रणाली में सेंधमारी करने और टेंडर संबंधी विवरणों के साथ छेड़छाड़ करने के गंभीर आरोपों में हुई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीआईबी ने शुक्रवार को इस कार्रवाई को अंजाम दिया। विक्रम पांडेय वर्तमान में राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

सिस्टम हैक कर टेंडर हथियाने की थी साजिश
सीआईबी के प्रवक्ता शिव कुमार श्रेष्ठ ने बताया कि मामला सरकारी टेंडर प्रक्रिया में धोखाधड़ी से जुड़ा है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने सार्वजनिक खरीद प्रणाली को हैक किया और टेंडर के महत्वपूर्ण डाटा में हेरफेर की। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी अनुबंधों को गलत तरीके से अपने पक्ष में प्रभावित करना था।
कारोबारी जगत में भी मचा हड़कंप
विक्रम पांडेय की पहचान केवल एक कद्दावर राजनेता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह नेपाल के एक दिग्गज व्यवसायी भी हैं। पुलिस ने उनके साथ-साथ भीषण कंस्ट्रक्शन के निदेशक टंक कुमार श्रेष्ठ को भी हिरासत में लिया है। इस मामले के तार व्यापारिक सिंडिकेट से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
विद्युत लेनदेन अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि यह पूरी कार्रवाई इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन एक्ट यानी विद्युत लेनदेन अधिनियम के तहत की गई है। इस कानून के तहत डिजिटल माध्यमों से की गई धोखाधड़ी और सिस्टम हैकिंग पर सख्त सजा का प्रावधान है। पुलिस काफी समय से इस पूरे नेटवर्क पर नजर रख रही थी।
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अब तक नौ लोगों की हुई है गिरफ्तारी
सीआईबी ने बताया है कि टेंडर हेरफेर का यह मामला काफी व्यापक है। विक्रम पांडेय और टंक कुमार श्रेष्ठ की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले में कुल गिरफ्तार होने वाले लोगों की संख्या नौ तक पहुंच गई है। पकड़े गए अन्य लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस खेल में सरकारी विभागों के उच्चाधिकारी भी शामिल थे?
राप्रपा के उपाध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद नेपाल की राजनीति में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। विक्रम पांडेय पूर्व में मंत्री रह चुके हैं। फिलहाल, सीआईबी हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों से विस्तार से पूछताछ कर रही है, जिससे इस डिजिटल घोटाले की पूरी परतें खोली जा सकें।

