अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा दो सप्ताह का संघर्षविराम अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के मुताबिक, यह सीजफायर बुधवार सुबह खत्म होने वाला है, लेकिन शांति की उम्मीदें अब धुंधली पड़ती दिख रही हैं। एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रतिनिधि और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की रवानगी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। वहीं ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली प्रस्तावित शांति वार्ता को लेकर पूरी तरह चुप्पी साध ली है।
समय खत्म हो रहा है संघर्षविराम?
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पर साफ किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्षविराम भारतीय समयनुसार बुधवार सुबह 5:20 बजे समाप्त हो जाएगा। यदि समय सीमा समाप्त होने से पहले कोई ठोस फैसला नहीं हुआ, तो दोनों देशों के बीच फिर से सीधी जंग शुरू हो सकती है। पाकिस्तान का कहना है कि दो सप्ताह के इस सीजफायर के खत्म होने से पहले ईरान का बातचीत की मेज पर आना बेहद जरूरी है।
कहां हैं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस?
व्हाइट हाउस ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अभी तक वॉशिंगटन से रवाना नहीं हुए हैं। वे फिलहाल अतिरिक्त नीतिगत बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं और अभी यह साफ नहीं है कि वे पाकिस्तान के लिए कब उड़ान भरेंगे।
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हालांकि पहले ऐसी खबरें आई थीं कि वेंस अमेरिकी अधिकारियों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद की शांति वार्ता में हिस्सा लेने जाएंगे। लेकिन वेंस का अभी तक वॉशिंगटन में ही मौजूद होना यह संकेत देता है कि कूटनीतिक स्तर पर अभी भी कई पेच फंसे हुए हैं और अमेरिका ईरान के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।
शांति वार्ता पर ईरान का क्या रुख?
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि उनके देश ने ईरान को बातचीत के लिए मनाने की पूरी कोशिश की है, लेकिन ईरानी पक्ष की ओर से अभी तक कोई औपचारिक पुष्टि नहीं मिली है। कल तक ईरानी सूत्रों के हवाले से खबरें थीं कि तेहरान का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जाएगा, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन संभावनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास अभी वार्ता का कोई प्लान नहीं है। पाकिस्तान लगातार ईरान के संपर्क में है और कूटनीति का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान की खामोशी ने इस्लामाबाद और वॉशिंगटन दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
क्या संघर्षविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है?
बढ़ते तनाव को देखते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने अमेरिका और ईरान दोनों से सीजफायर को आगे बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को कूटनीति और संवाद को एक और मौका देना चाहिए।
पाकिस्तान इस बातचीत के दूसरे दौर की मेजबानी के लिए तैयार खड़ा है, लेकिन ईरान के शामिल न होने के फैसले ने इन प्रयासों को बड़ा झटका दिया है। अब दुनिया की नजरें बुधवार सुबह पर टिकी हैं, जब यह सीजफायर खत्म होगा। यदि समय रहते समझौता नहीं हुआ, तो पश्चिम एशिया का संकट एक भीषण युद्ध का रूप ले सकता है।
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