बिहार में नई सरकार बनते ही पुलिस टीम एक्शन में है। शुक्रवार अहले सुबह जिलाधिकारी के अगुवाई में बिहार पुलिस की टीम कई जिलों के जेल में छापेमारी करने पहुंचीं। गया, सीतामढ़ी, नालंदा, समस्तीपुर, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण समेत कई जेलो में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस टीम जेल के अंदर गई। हर एक-एक वार्ड की बारीकी से तलाशी ली गई। पुलिस ने टीम ने वार्ड से लेकर शौचालय तक की तलाशी ली लेकिन कोई खास चीजें हाथ नहीं लगी। जांच अभियान के दौरान सभी जेलों में हड़कंप मच गया। हर जेल में दो से तीन घंटे तक तलाशी अभियान चलाई गई। अधिकारियों का कहना है कि यह सामान्य तलाशी अभियान था।
गया के दो जेलों में छापेमारी
सबसे पहले गया के जेलों में छापेमारी हुई। यहां रात के करीब दो बजे ही जिला प्रशासन और पुलिस टीम पहुंची। सेंट्रल जेल और शेरघाटी उपकारा में संयुक्त छापामारी हुई। हर वार्ड की तलाशी में कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला। प्रशासन ने इसे सुरक्षा जांच बताते हुए ऐसे औचक अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही।
सेंट्रल जेल में मिडनाइट एक्शन: गया और शेरघाटी उपकारा में संयुक्त छापामारी, क्यों हुई हर वार्ड की सघन तलाशी?
सीतामढ़ी मंडल कारा भी पहुंची पुलिस
शुक्रवार की अहले सुबह सीतामढ़ी मंडल कारा में भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी की गई। डीएम रिची पांडेय और पुलिस एसपी अमित रंजन के नेतृत्व में हुई इस औचक कार्रवाई से जेल प्रशासन और कैदियों के बीच हड़कंप मच गया। लगभग तीन घंटे तक चली इस सघन तलाशी के दौरान पुलिस ने एक वार्ड से आठ पन्नों का संदिग्ध दस्तावेज बरामद किया है, जिसमें कई मोबाइल नंबर और आपत्तिजनक कोडवर्ड लिखे होने की बात सामने आई है।
बिहारशरीफ मंडल कारा में भी छापेमारी
शुक्रवार की अहले सुबह नालंदा जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने बिहारशरीफ मंडल कारा में औचक छापेमारी कर जेल प्रशासन और बंदियों के बीच हड़कंप मचा दिया। जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के निर्देश पर शुरू हुई इस कार्रवाई के लिए भारी संख्या में पुलिस बल का उपयोग किया गया। करीब 100 से अधिक पुलिस जवानों की मौजूदगी में चली इस सघन तलाशी के दौरान जेल के भीतर से कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है।