8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर्मचारी वर्ग कर रहा है. इसको लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है. इसी बीच खबरें हैं कि फिटमेंट फैक्टर इस बार कम भी हो सकता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आपकी सैलरी कम बढ़ेगी. कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इसका जवाब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में भी मिलेगा. अगर इस बार फिटमेंट फैक्टर 3% से बढ़ाकर 5% से 7% किया जाता है, तो लंबे समय में बेसिक सैलरी पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.
इसी मुद्दे को लेकर 8वें वेतन आयोग की दो दिन की सलाह मशविरा बैठक 7 सितंबर से चेन्नई में शुरू हुई है. इसमें केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, पेंशन और काम करने की स्थितियों पर चर्चा हो रही है. इसके बाद 9 सितंबर को पुडुचेरी में भी बैठक होगी.
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5% से 7% इजाफा की मांग
कई कर्मचारी संगठनों ने साल के इजाफा की दर बढ़ाने की मांग की है. नेशनल काउंसिल ऑफ जेसीएम, ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स ने 6% साल का इजाफा मांगा है. ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन ने 7% की मांग रखी है. वहीं इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन ने 5% इजाफा के साथ 4.0 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है.
मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30,000 रुपये है. 2.15 फिटमेंट फैक्टर और 3% साल का इंक्रीमेंट के हिसाब से पहले साल बेसिक पे करीब 66,435 रुपये हो सकती है. 5वें साल ये 74,773 रुपये और 10वें साल 86,683 रुपये तक पहुंच सकती है.
वहीं बिना फिटमेंट फैक्टर के 5% साला के बढ़ोतरी पर 10 साल बाद बेसिक सैलरी करीब 48,867 रुपये, 7% पर 59,015 रुपये और 10% पर 77,812 रुपये हो सकती है.
35 और 40 हजार की बेसिक सैलरी का हिसाब
35,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर 2.15 फिटमेंट फैक्टर के साथ 10वें साल बेसिक पे करीब 1,01,130 रुपये हो सकती है. 40,000 रुपये की बेसिक सैलरी के मामले में ये करीब 1,15,577 रुपये हो सकती है. बिना फिटमेंट फैक्टर के 10% साल के बढ़ोतरी पर ये रकम 90,781 रुपये और 1,03,750 रुपये होगी.
लेकिन, असली सैलरी 8वें वेतन आयोग की आखरी सिफारिशों में तय होने वाले फिटमेंट फैक्टर और साल के इजाफे पर डिपेंड करेगी.
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