‘यह फैसला मेरे लिए सबसे बेहतर है’
बेन स्टोक्स ने स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा कि यह फैसला भले ही लोगों को स्वार्थी लगे, लेकिन मौजूदा समय में यही उनके लिए सबसे अच्छा है। उन्होंने कहा, ‘हो सकता है यह फैसला कुछ लोगों को स्वार्थी लगे, लेकिन इस समय मेरे लिए यही सबसे बेहतर है। मुझे उम्मीद है कि यह टीम के लिए भी अच्छा साबित होगा। साथ ही मुझे विश्वास है कि इसी फैसले की वजह से मैं उस खेल से प्यार करना जारी रख पाऊंगा, जिसने मुझे जीवन में इतना कुछ दिया है।’ स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय करियर सोमवार को समाप्त होगा। 15 वर्षों के करियर में उन्होंने इंग्लैंड के लिए 122 टेस्ट, 114 वनडे और 43 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले।
एशेज के बाद पहली बार आया था संन्यास का ख्याल
स्टोक्स ने साफ किया कि उनका फैसला हाल ही में हुई अनुशासनात्मक घटना की वजह से नहीं था। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले लंदन के एक नाइटक्लब में हुई घटना के कारण उन्हें टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन उन्होंने कहा कि संन्यास का विचार उससे काफी पहले उनके मन में आ चुका था। उन्होंने बताया, ‘लॉर्ड्स टेस्ट ने मुझे फिर से वही नकारात्मक एहसास दिलाया, जो एशेज दौरे के बाद महसूस हुआ था। ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद मैंने खुद को बेहतर बनाने के लिए बहुत मेहनत की। मुझे लगा था कि मैं सही दिशा में जा रहा हूं, लेकिन उस प्रक्रिया में मैंने खुद को पूरी तरह थका दिया।’ स्टोक्स ने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह की घटनाओं ने केवल उनके फैसले को और मजबूत किया।
जो रूट के साथ बातचीत के बाद हुआ फैसला पक्का
इंग्लैंड के कप्तान ने बताया कि लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान ड्रेसिंग रूम में जो रूट के साथ बैठकर हुई बातचीत के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, ‘यह फैसला अचानक नहीं था। पिछले कई महीनों से यह मेरे मन में चल रहा था। लॉर्ड्स टेस्ट के पूरे सप्ताह के दौरान जो कुछ हुआ और फिर ड्रेसिंग रूम में जो रूट के साथ बैठने के दौरान मैंने महसूस किया कि अब यह फैसला लेने का समय आ गया है। पिछले दो सप्ताह आसान नहीं रहे और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं ने भी मेरे विचार को और मजबूत कर दिया।’
डरहम लौटकर फिर मिला क्रिकेट खेलने का आनंद
दूसरे टेस्ट से बाहर रहने के दौरान स्टोक्स अपने घरेलू काउंटी क्लब डरहम के लिए खेले। उन्होंने बताया कि वहीं उन्हें दोबारा क्रिकेट खेलने का आनंद महसूस हुआ। उन्होंने कहा, ‘जब मैं दूसरे टेस्ट में नहीं खेल रहा था और डरहम के लिए खेला, तब मुझे लगा कि क्रिकेट के प्रति मेरा उत्साह फिर लौट आया है। लेकिन इंग्लैंड टीम में वापस आने के बाद मैं उस एहसास को दोबारा हासिल नहीं कर सका। अब मैं अपने बचपन के क्लब डरहम के लिए खेलने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। इस सप्ताह और उस सप्ताह की तुलना करता हूं तो मुझे पूरी तरह भरोसा हो गया है कि मैंने सही फैसला लिया है।’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।






